इंदौर के बाद अब मऊगंज का नंबर! अवैध कॉलोनियों ने बिगाड़ा सिस्टम, गंदा पानी पीने को लोग हो रहे मजबूर
मऊगंज: गंदा पानी पीने को मजबूर हो रहे लोग
MP News: मऊगंज जिला बनने के बाद विकास की उम्मीदों के बीच अब एक भयावह तस्वीर सामने आ रही है. अवैध कॉलोनियों का बेकाबू विस्तार प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल रहा है. बिना योजना, बिना नाली और बिना सड़क के बसाई जा रही कॉलोनियों ने पूरे नगर परिषद क्षेत्र को जलभराव, गंदगी और बीमारियों के दलदल में धकेल दिया है.
गंदा पानी पीने को लोग मजबूर
इंदौर की घटना तो आपने देखी होगी. इंदौर के तर्ज में मऊगंज जिले के नगर परिषद केंद्र प्लाटों, सड़कों में भरा जहरीला पानी को पीने को मजबूर है. वार्ड वासी, वार्ड क्रमांक 03, 04, 06 और 08 में हालात बेहद चिंताजनक हैं. नालियों का अभाव और बंद जल निकासी व्यवस्था के कारण गंदा पानी सड़कों और घरों में घुस रहा है.
कचरे से भरी नालियां बदबू और संक्रमण का केंद्र बन चुकी हैं, जिससे नागरिकों का जीवन नारकीय हो गया है. यही गंदा पानी लोगों के कुआं और बोर में भी आ रहा है और लोग जहरीला पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं. जहां गर्मी के दिनों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते हैं तो वही मऊगंज की सड़कों और प्लाटों में तालाबों की तरह जमा गंदा नाली का पानी. लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर.
बारिश में घुटनों तक जमा होता है पानी
बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब घरों के भीतर घुटनों तक पानी भर जाता है. अनाज और गृहस्थी पूरी तरह बर्बाद हो जाती है. बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जबकि पीने के पानी की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
वहीं, नगर परिषद के वार्ड वासियों का आरोप बेहद गंभीर है. कई बार शिकायत हुई समाधान का आश्वासन मिला सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की गई लेकिन आज तक न कोई अधिकारी आए ना समाधान हुआ कई वर्षों से यह समस्या हो रही है. घर और सड़कों पर इसी तरह गंदा नाली का पाली सड़क और प्लाटों में भरा रहता है. इसका प्रभाव हमारे बोर और कुआं में पड़ रहा है.
ये भी पढ़ें: मऊगंज में सनसनीखेज मामला! पति सोता रहा पत्नी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, 1.5 साल पहले हुई थी शादी
कलेक्टर का क्या कहना है?
कलेक्टर संजय कुमार जैन ने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए पूर्ण आश्वासन दिया गया है कि प्राथमिकता के साथ ठोस और सख्त कार्रवाई की जाएगी. बंद पड़ी नालियों का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण कराया जाएगा ताकि पानी की निकासी के साथ जलभराव की स्थिति निर्मित न ही ऐसे स्थलों की जांच कराकर गर्मी के बाद बारिश के दिनों में आने वाली समस्या से निपटा जा सके.