CG News: रायपुर में खरपतवार प्रबंधन पर जुटेंगे देशभर के कृषि वैज्ञानिक, नई तकनीकों पर होगा मंथन
सांकेतिक तस्वीर
CG News: रायपुर में 12 से 14 मई 2026 तक “अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना” की 33वीं वार्षिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया जाएगा. तीन दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से कृषि वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे और फसलों को खरपतवार से होने वाले नुकसान को कम करने के उपायों पर चर्चा करेंगे. साथ ही आधुनिक तकनीकों और शोध आधारित समाधानों को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा.
ICAR के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे उद्घाटन
बैठक का उद्घाटन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), नई दिल्ली के उप महानिदेशक (NRM) द्वारा किया जाएगा, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति करेंगे. यह परियोजना ICAR नई दिल्ली के मार्गदर्शन में जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय के जरिए संचालित की जा रही है. परियोजना का मुख्य उद्देश्य फसलों में खरपतवार नियंत्रण के लिए प्रभावी अनुसंधान करना, नई तकनीकों को विकसित करना और उन्हें किसानों तक पहुंचाना है.
देशभर से शामिल होंगे वैज्ञानिक
इस राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के 17 प्रमुख केंद्रों और 7 स्वयंसेवी केंद्रों से जुड़े वैज्ञानिक भाग लेंगे. इसके अलावा राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, ICAR संस्थानों और हर्बीसाइड उद्योग से जुड़े करीब 100 विशेषज्ञों की उपस्थिति रहने की संभावना है.
दो वर्षों की रणनीति पर होगी चर्चा
बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 में किए गए अनुसंधान कार्यों और विस्तार गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी. साथ ही आने वाले दो वर्षों के तकनीकी कार्यक्रमों और अनुसंधान योजनाओं को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा होगी.
खरपतवार से फसल उत्पादन को बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर खरपतवार नियंत्रण नहीं किया जाए तो फसल उत्पादन में 40 से 60 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है. वहीं धान की सीधी बोनी वाली फसलों में यह नुकसान कई मामलों में 90 प्रतिशत तक पहुंच जाता है.