नलजल योजना को लेकर कांग्रेस विधायक का सरकार पर हमला, आलीराजपुर में सेना महेश पटेल बोलीं- गांव वालों को पीने के लिए पानी नसीब नहीं
कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल.
Input- मनीष अरोड़ा
Alirajpur News: मध्य प्रदेश में जल संकट और नल-जल योजना को लेकर सियासत गरमा गई है. आलीराजपुर में कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नल-जल योजना के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन आज भी कई गांवों के लोगों को साफ पेयजल नसीब नहीं हो रहा. उनका आरोप है कि सरकार सिर्फ कागजों पर योजनाओं का प्रचार कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है.
‘करोड़ों खर्च होने के बावजूद ग्रामीण गंदा पानी पीने के मजबूर‘
कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नल-जल योजना में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आज भी झीरी और प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी पीने को मजबूर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन योजनाओं का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाना था, वे कई जगहों पर पूरी तरह विफल साबित हुई हैं.
पटेल ने ये भी कहा कि जिन क्षेत्रों में पेयजल की गंभीर समस्या है, वहां सरकार हैंडपंप तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है. उनके मुताबिक ग्रामीण महिलाएं और बच्चे रोजाना कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार जनता की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में असफल रही है.
नल-जल योजना और पेयजल संकट पर सियासत
विधायक ने मांग की है कि नल-जल योजना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जहां योजनाएं अधूरी हैं, वहां तत्काल पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. साथ ही जल संकट वाले गांवों में नए हैंडपंप लगाए जाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके. अब देखना होगा कि विपक्ष के इन आरोपों पर सरकार क्या जवाब देती है और जल संकट से जूझ रही जनता को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं. फिलहाल नल-जल योजना और पेयजल संकट को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आखिर कब तक ग्रामीणों को झीरी का पानी पीकर अपनी प्यास बुझानी पड़ेगी.