रेलवे स्टेशन पर क्यों नहीं होती मेडिकल शॉप? जानिए नियम

Railway Station Medical shop Policy: रेलवे के पुराने नियमों के अनुसार, स्टेशनों पर दवा की दुकानें खोलने की अनुमति मिलती थी. साल 2001 में रेलवे बोर्ड ने तय किया था कि जिन स्टेशनों पर डॉक्टर मौजूद हैं, वहां मेडिकल स्टोर के लिए ज्यादा से ज्यादा 108 वर्ग फुट जगह दी जाएगी.
Railway Pharmacy Policy Explained

रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल की दुकान क्यों नहीं होती

Railway Pharmacy Policy Explained: आपने कभी न कभी ट्रेन से यात्रा ज़रूर की होगी, इसके लिए आप रेलवे स्टेशन भी गए होंगे. स्टेशनों पर आपने देखा होगा कि किराना और स्टेशनरी से लेकर खाने-पीने की सभी ज़रूरी चीज़ें आसानी से मिल जाती हैं. कई स्टेशनों पर तो बड़े-बड़े स्टॉल भी लगे हुए होते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल शॉप क्यों नहीं होती है, जबकि दवाई की दुकान होना बहुत ज़रूरी है? कब, किस समय किसको इमरजेंसी पड़ जाए, इसके लिए मेडिकल दुकान होना यात्रियों के लिए मददगार साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कि आखिर रेलवे स्टेशनों पर दवाई की दुकान क्यों नहीं खुलती है और इसे लेकर रेलवे का क्या नियम है.

क्या पहले मेडिकल स्टोर के लिए मिलती थी जगह?

रेलवे के पुराने नियमों के अनुसार, स्टेशनों पर दवा की दुकानें खोलने की अनुमति मिलती थी. साल 2001 में रेलवे बोर्ड ने तय किया था कि जिन स्टेशनों पर डॉक्टर मौजूद हैं, वहां मेडिकल स्टोर के लिए ज्यादा से ज्यादा 108 वर्ग फुट जगह दी जाएगी. वहीं अगर किसी किताबों की दुकान (बुकस्टॉल) के अंदर ही छोटा सा दवाइयों का कोना बनाया जाता था, तो उसके लिए जगह की ऐसी कोई पाबंदी नहीं थी. सीधे शब्दों में कहें, तो पहले स्टेशनों पर अलग से दवा दुकानें खोलने का नियम था.

मल्टी पर्पज स्टॉल की शुरुआत

समय के साथ रेलवे ने अपनी नीतियों को बदला और अब स्टेशनों पर अलग से मेडिकल स्टोर खोलने के बजाय ‘मल्टी पर्पज स्टॉल’ (MPS) यानी एक ही दुकान पर कई तरह का सामान बेचने की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है. पहले बुकस्टॉल, मेडिकल स्टोर और जनरल स्टोर अलग-अलग होते थे, जिससे प्लेटफॉर्म पर काफी जगह घिर जाती थी और यात्रियों को चलने-फिरने में दिक्कत होती थी. इसी भीड़भाड़ को कम करने के लिए रेलवे ने इन सभी दुकानों को मिलाकर एक ही स्टॉल बना दिया, जहां यात्रियों की जरूरत का लगभग हर सामान एक ही जगह मिल जाता है.

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क्या इन स्टॉल्स पर दवाइयां मिलती हैं?

अब इन मल्टी पर्पज स्टॉल्स पर डॉक्टर की पर्ची के बिना मिलने वाली सामान्य दवाइयां बेची जा सकती हैं. हालांकि, अब सिर्फ मेडिकल स्टोर खोलने के लिए अलग से कोई जगह नहीं दी जाती है. इसके साथ ही सरकार यात्रियों की सुविधा के लिए कई रेलवे स्टेशनों पर ‘जन औषधि केंद्र’ खोलने की योजना पर काम कर रही है और बड़े स्टेशनों पर इलाज से जुड़ी अन्य सुविधाओं को भी लगातार बेहतर बनाया जा रहा है.

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