‘मक्कार और विश्वासघाती लोगों को मिला टिकट…,’ RJD के MLC कैंडिडेट पर भड़कीं रोहिणी आचार्य
रोहिणी आचार्य(File Photo)
Bihar Politics: बिहार में आने वाले दिनों विधान परिषद की 10 सीटों पर वोटिंग होने वाली है. इसको लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो चली है. तमाम दल अपनी-अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं. तो वहीं आरजेडी के लिए मुसीबत लालू परिवार के कुछ लोग ही बनते जा रहे हैं. उनकी बयानबाजी कई तरह के सवाल या निशान खड़े कर रही है, फिलहाल लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने ही प्रत्याशी पर तीखा हमला बोला है.
रोहिणी आचार्य ने आरजेडी के कैंडिडेट सिलेक्शन पर सवाल खड़े किए हैं. जिससे साफ है कि आने वाले दिनों आरजेडी के लिए सीट बचा पाना आसान नहीं रहने वाला है. उन्होंने कहा कि गुटबाजी भीतरघात – विश्वासघात, मक्कारी जिसकी फितरत, विरोधियों से जिसकी मिलीभगत हो उसको प्रत्याशी बनाया गया है.
रोहिणी आचार्य ने क्या कहा?
रोहिणी आचार्य ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि गुटबाजी -भीतरघात -विश्वासघात ,मक्कारी जिसकी फितरत , विरोधियों से जिसकी मिलीभगत , नजदीकियों की बात बता कर उगाही – वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं – पदाधिकारियों को सामने बिठा कर बहन – बेटियों के बारे में ओछी – अमर्यादित बातें है करता , उसको कैसे “उसके” ही द्वारा उम्मीदवार बना दिया गया.
आगे लिखा कि जिसे सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे ले जाने , पार्टी की बेहतरी की जिम्मेदारी लालू जी ने सौंपी? समर्पित-निष्ठावान कार्यकर्ताओं-नेताओं का टोंटा पड़ गया क्या? ऐसे ही लोगों की वजह से वर्षों से मजबूती के साथ खड़े कार्यकर्ताओं-समर्थकों में विक्षोभ-असंतोष भी है और ऐसे ही लोगों की वजह से हुआ नुकसान भी दिख ही चुका है बीते वर्ष के नवंबर के महीने में .
गुटबाजी – भीतरघात – विश्वासघात , मक्कारी जिसकी फितरत , विरोधियों से जिसकी मिलीभगत , नजदीकियों की बात बता कर उगाही – वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं – पदाधिकारियों को सामने बिठा कर बहन – बेटियों के बारे में ओछी -…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) June 8, 2026
पार्टी की स्थापना के समय से लेकर आज तक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े एक नहीं अनेकों समर्पित, सम्मानित , जमीन से जुड़े कट्टर लालूवादी अल्पसंख्यक चेहरे हैं , यादव , दलित , पिछड़े व् वंचित समाज से आने वाले वरिष्ठ व् युवा लोग हैं. ऐसे लोगों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है और पार्टी हित में तो कतई नहीं है.
रोहिणी के इस बयान से साफ है कि वह आरजेडी से खुश नही हैं. हालांकि ये नई बात नहीं है. विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद से ही लालू परिवार में बिखराव देखने को मिल रहा है. ऐसा भी कहा जा रहा है कि रोहिणी को एमएलसी उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा थी. जब उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया तो उनकी नाराजगी सामने आई है.
ये भी पढ़ें: सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ा ममता का साथ, इंडिया ब्लॉक की मीटिंग से पहले TMC को फिर लगा झटका