AI से बनाई सफाई की झूठी तस्वीरें, GPS से फर्जी हाजिरी… गुरुग्राम नगर निगम ने 4 कर्मचारियों को किया बाहर

Gurugram News: दुन‍ियाभर में तकनीक तेजी से बदल रही है.कई लोगों को इसका फायदा तो कई लोगों का काफी नुकसान हो रहा है. तो वहीं कई लोग इस तकनीक गलत इस्‍तेमाल भी कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ मामला हर‍ियाणा के गुरुग्राम से सामने आया है. यहां AI और GPS स्पूफिंग के जरिए शिकायतों का […]
AI से कर द‍िया शिकायत का निपटारा

AI से कर द‍िया शिकायत का निपटारा

Gurugram News: दुन‍ियाभर में तकनीक तेजी से बदल रही है.कई लोगों को इसका फायदा तो कई लोगों का काफी नुकसान हो रहा है. तो वहीं कई लोग इस तकनीक गलत इस्‍तेमाल भी कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ मामला हर‍ियाणा के गुरुग्राम से सामने आया है. यहां AI और GPS स्पूफिंग के जरिए शिकायतों का न‍िपटारा करने वालों पर एक्‍शन लिया गया है.

हरियाणा के गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने विभागीय जांच के बाद चार संविदा कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं. इन कर्मचारियों पर AI की मदद से फर्जी तस्वीरें तैयार करने, GPS स्पूफिंग के जरिए नकली उपस्थिति दर्ज कराने और सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने जैसे गंभीर आरोप साबित हुए.

जांच में क्‍या आया सामने?

जांच में सामने आया कि एक सहायक सफाई निरीक्षक को इलाके में कूड़ा साफ कराने की जिम्मेदारी दी गई थी. आरोप है कि उसने वास्तविक सफाई कराए बिना AI टूल्स से तस्वीरों में बदलाव किया और उन्हें शिकायत निवारण पोर्टल पर अपलोड कर यह दिखा दिया कि कचरा पूरी तरह हट चुका है. बाद में मौके पर हुई जांच में पता चला कि कूड़ा वहीं मौजूद था और शिकायत का निस्तारण सिर्फ कागजों में किया गया था.

एक अन्य कर्मचारी ने ड्यूटी पर मौजूद हुए बिना GPS स्पूफिंग ऐप का इस्तेमाल कर अपनी लोकेशन बदल दी. डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम में उपस्थिति दर्ज करा दी. तकनीकी जांच में उसकी यह चाल पकड़ में आ गई, जिसके बाद उसके खिलाफ भी कार्रवाई की गई.

इसके अलावा दो कंप्यूटर ऑपरेटरों पर संपत्ति कर और प्रॉपर्टी आईडी से जुड़े मामलों में जानबूझकर अनावश्यक आपत्तियां लगाने का आरोप लगा. इससे आम लोगों के आवेदन लंबे समय तक लंबित रहे और उन्हें बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ा. विभागीय जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया.

अध‍िकार‍ियों ने द‍िया साफ न‍िर्देश

नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट कहा कि सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़, तकनीक का दुरुपयोग, फर्जीवाड़ा या ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद चारों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं. प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और तकनीकी जांच को और सख्त बनाया जाएगा.

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