‘चंपत राय से देवी अहिल्याबाई पुरस्कार वापस लिया जाए’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस नेता का सुमित्रा महाजन को पत्र

कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने कहा, 'ऐसे सम्मान को हर स्थिति में संदेह से परे रहना चाहिए'
Congress has demanded withdrawal of Devi Ahilya Award from Champat Rai.

कांग्रेस ने चंपत राय से देवी अहिल्या पुरस्कार वापस लेने की मांग की है.

MP News: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की देशभर में चर्चा हो रही है. मध्य प्रदेश में भी इसको लेकर सियासत गरम है. कांग्रेस के सभी बड़े नेता लगातार बीजेपी पर हमलावर हैं, और चढ़ावा चोरी के लिए सरकार को जिम्मेदार मान रहे हैं. अब कांग्रेस ने चंपत राय से देवी अहिल्याबाई राष्ट्रीय पुरस्कार वापस लेने की मांग की है. कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने इसको लेकर सुमित्रा महाजन को पत्र लिखा है.

‘चंपत राय को दिए सम्मान पर पुनर्विचार करने की जरूरत’

केके मिश्रा ने अपने पत्र में लिखा, ‘मैं सीधे मुख्य विषय पर बात कहना चाहता हूं, लोकमाता प्रातः स्मरणीया देवी अहिल्याबाई होलकर के नाम पर दिए गए “राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान” की गरिमा आज गंभीर प्रश्नों के घेरे में है. देवी अहिल्या जन्मोत्सव समिति, इंदौर द्वारा गत 13 जनवरी, 2025 को जिन श्री चंपतराय जी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के हाथों ये सम्मान दिया गया था, उनके संबंध में सार्वजनिक रूप से वित्तीय अनियमितताओं, भूमि खरीदी-बिक्री घोटालों, चंदा, चढ़ावा, दानपात्रों में गड़बड़ी के प्रामाणिक आरोप सामने आए हैं, और उन्हें सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जिम्मेदारियों से अलग भी किया जा चुका है. ऐसी स्थिति में उन्हें प्रदान किए गए उक्त सम्मान पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है.’

‘ऐसे सम्मान को हर स्थिति में संदेह से परे रहना चाहिए’

केके मिश्रा ने आगे कहा, ‘पिछले वर्ष जब यह सम्मान उन्हें देने का निर्णय लिया गया था, तब आपने कहा था कि वे श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े ज्ञात-अज्ञात कारसेवकों और मंदिर निर्माण के प्रतिनिधि हैं तथा लोकमाता द्वारा मंदिरों के संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. उस समय आपके भाव और निर्णय का मैंने सम्मान किया था, यद्यपि इस पर मेरी असहमति बनी रही.

आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं. मेरा आग्रह किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि उस सम्मान की मर्यादा के पक्ष में है, जिसके केंद्र में लोकमाता अहिल्याबाई का पवित्र नाम है. ऐसे सम्मान को हर स्थिति में संदेह से परे रहना चाहिए.’

‘अभी पत्र मिला नहीं, पत्र पढ़कर फैसला करेंगे’

वहीं पूरे मामले पर बीजेपी ने पलटवार किया है. कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि कांग्रेस के पास फिजूल की बातों के अलावा कोई काम नहीं है और मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है. वहीं सुमित्रा महाजन पर जब मामले पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तक पत्र मेरे पास आया नहीं है, जब पत्र मिलेगा तो उसके बाद बात करेंगे.

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