‘पाकिस्तान से कॉल, कीपैड फोन, डेटा लीक…’, ई-अटेंडेंस से बचने के लिए अजीबोगरीब बहाने बना रहे टीचर
ई-अटेंडेंस के लिए शिक्षकों के अजीबोगरीब बहाने
MP Teachers e-Attendance: मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस को अनिवार्य कर दिया है. लोक शिक्षण संचालनालय ने राज्य के सभी टीचर्स को 1 जुलाई 2026 से ‘हमारे शिक्षक’ एप पर हाजिरी लगाने के सख्त निर्देश दिए है. जहां कुछ टीचर्स ने इसे जरूरी समझते हुए उपस्थिति दर्ज कराना शुरू कर दिया है. वहीं, कुछ टीचर्स के बहाने सुनकर आप माथा पकड़ लेंगे.
शिक्षक क्या-क्या बहाने बना रहे हैं?
एमपी में लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था से बचने के लिए शिक्षक तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं. बहाने भी ऐसे की जिन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. इनमें की-पैड वाला फोन, डेटा लीक और पाकिस्तान से रहस्यमयी कॉल के बहाने शामिल हैं. दरअसल, शिक्षा विभाग ने हाजिरी ना लगाने के कारणों के बारे में पूछा था. जिसके जवाब में शिक्षकों ने अजीब बहाने बनाए.
शिक्षकों के दावों को किया खारिज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डायरेक्टोरेट ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन के अधिकारियों का कहना है कि विद्यालयों में एप के जरिए हाजिरी लगाना पूरी तरह सुरक्षित है. पूरे प्रदेश से 90 प्रतिशत से ज्यादा डिजिटल अटेंडेंस मिल रही है. वहीं, डायरेक्टर केके द्विवेदी का कहना है कि जिन लोगों को ई-अटेंडेंस से दिक्कत है, उन्हीं के पास से ऐसे बहाने सामने आ रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी टीचर्स को हाजिरी लगाने में समस्या हो रही है तो हमें जानकारी दे. हम समस्या का समाधान करेंगे लेकिन ये बनावटी नहीं होनी चाहिए.
शिक्षक संगठनों ने भी सरकार से पूछे सवाल
प्रदेश भर के शिक्षक संगठनों ने सरकार से ई-अटेंडेंस को लेकर कई सवाल पूछे हैं. उनका कहना है कि यदि नेटवर्क नहीं तो हाजिरी ना लग पाए तो उसका विकल्प क्या है? जिन शिक्षकों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उन्हें क्या करना होगा? क्या मोबाइल डाटा पैक के लिए अलग से भत्ता दिया जाएगा?