Morena News: सड़क के लिए अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठे नवनीत सिंह तोमर, बिगड़ती तबीयत ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता

Morena News: नवनीत सिंह तोमर का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की मूलभूत सुविधा के लिए है. श्यामपुर खुर्द से जोहा की हवेली सहित आसपास के पूरा-मजरों तक आज भी पक्की सड़क नहीं है.
Navneet Singh Tomar hunger strike

धरने पर बैठे नवनीत सिंह तोमर

Input- मनोज शर्मा

Morena News: जोहा सड़क निर्माण की मांग को लेकर जोहा की हवेली के युवा नवनीत सिंह तोमर पिछले दो दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं. उन्होंने अपनी मांग को लेकर अन्न-जल का त्याग कर दिया है, जिसके चलते उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है. क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रशासन ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया तो स्थिति गंभीर हो सकती है.

पक्की सड़क के लिए जारी है संघर्ष

नवनीत सिंह तोमर का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की मूलभूत सुविधा के लिए है. श्यामपुर खुर्द से जोहा की हवेली सहित आसपास के पूरा-मजरों तक आज भी पक्की सड़क नहीं है. बरसात के मौसम में कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है.

खराब सड़क से बच्चों की पढ़ाई और इलाज दोनों प्रभावित

ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क के कारण स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. बच्चे समय पर विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहीं बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है. कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले, धरातल पर अब तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ.

सड़क निर्माण तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

धरना स्थल पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नवनीत सिंह तोमर के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा ग्रामीणों से चर्चा की. ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जब तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. धरने के दौरान भारतीय जनता पार्टी के माननीय सांसद, माननीय विधायक एवं जिला प्रशासन से अपील की गई कि वे इस जनहित के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराएं. साथ ही धरना स्थल पर पहुंचकर नवनीत सिंह तोमर से संवाद करें और उनकी मांग का सम्मानजनक समाधान निकालते हुए उन्हें धरना समाप्त करने के लिए प्रेरित करें.

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ग्रामीणों के लिए सड़क बनी सबसे बड़ी जरूरत

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित आवागमन की जीवनरेखा है. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस आंदोलन पर कब तक संज्ञान लेता है और क्षेत्रवासियों को वर्षों पुरानी समस्या से कब राहत मिलती है.

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