‘मरता है तो मरने दो’, सड़क के लिए आमरण अनशन, नवनीत तोमर को लेकर सांसद पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप

वहीं सांसद और उनके पुत्र पर लगाए गए आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब आना अभी बाकी है.
Navneet Singh Tomar is on an indefinite hunger strike.

आमरण अनशन पर बैठे नवनीत सिंह तोमर.

Input- मनोज शर्मा

MP News: मुरैना के पीपरीपुरा–जौहां–श्यामपुर खुर्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे नवनीत सिंह तोमर का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा. लगातार अन्न और जल का त्याग करने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना है. इस बीच नवनीत सिंह तोमर ने एक वीडियो जारी कर सांसद शिवमंगल सिंह तोमर और उनके पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है.

कांग्रेस नेता समर्थन में धरने पर बैठे

नवनीत सिंह तोमर का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर वे पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं. उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होगा, तब तक वे अन्न और जल ग्रहण नहीं करेंगे. आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं और कांग्रेस जिलाध्यक्ष मधुराज तोमर सहित कई लोग उनके समर्थन में धरने पर बैठे हैं.

सांसद और बेटे पर गंभीर आरोप

शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे नवनीत सिंह तोमर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया. वीडियो में उन्होंने दावा किया कि सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने उन्हें फोन किया था. नवनीत के अनुसार, बातचीत के दौरान सांसद ने कथित तौर पर कहा, ’60 साल से सड़क के लिए आवाज क्यों नहीं उठाई? अब अगर ऐसे मर रहा है तो मर जाए.’

यह दावा नवनीत सिंह तोमर ने किया है. हालांकि, इस कथित बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और सांसद शिवमंगल सिंह तोमर की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
नवनीत सिंह तोमर ने सांसद के पुत्र गौरव तोमर पर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि गौरव तोमर ने कथित रूप से कहा कि ‘धारा 144 लगाकर पुलिस बुलाओ और डंडे मारो, तभी इनका अनशन खत्म होगा. इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और गौरव तोमर की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

डॉक्टर्स ने अनशन खत्म करने की अपील की

इधर, देर रात पुलिस, एम्बुलेंस और स्वास्थ्य विभाग की टीम आंदोलन स्थल पर पहुंची. डॉक्टरों ने नवनीत सिंह तोमर का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उपचार और अनशन समाप्त करने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने अपनी मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने की बात कही.

विधानसभा अध्यक्ष और सांसद ने किया था भूमिपूजन

गौरतलब है कि इसी सड़क का भूमिपूजन अप्रैल माह में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और सांसद शिवमंगल सिंह तोमर द्वारा किया गया था. आंदोलनकारियों का आरोप है कि भूमिपूजन के कुछ समय बाद ही लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया. अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब सड़क का भूमिपूजन हो चुका था, तो निर्माण कार्य आखिर क्यों बंद हुआ और इसे दोबारा कब शुरू किया जाएगा.

फिलहाल सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन जारी है. वहीं सांसद और उनके पुत्र पर लगाए गए आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब आना अभी बाकी है.

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