‘जयपुर पुलिस के खिलाफ जांच जारी रखें’, वसुंधरा राजे के नाम कथित फर्जी पत्र के मामले में HC का आदेश
MP हाई कोर्ट (File Photo)
MP News: वसुंधरा राजे के नाम पर कथित फर्जी पत्र के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बड़ा आदेश सुनाया है. इसमें कोर्ट ने जयपुर पुलिस के खिलाफ जांच जारी रखने का आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि अगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं अगर मुआवजा चाहते हैं तो उसके लिए अलग से संबंधित कोर्ट में याचिका लगा सकते हैं.
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका HC में लगाई थी
कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं ने अपनी हिरासत को लेकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई थी. जिसको लेकर हाई कोर्ट की एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की. बेंच ने भोपाल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) को निर्देश दिए हैं कि कार्यकर्ताओं के बयानों के आधार पर जांच को जारी रखें.
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला एक सोशल मीडिया पर वायरल एक पत्र का है. एक कथित फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें परिसीमन और बीजेपी की रणनीति को लेकर सवाल उठाए गए थे. वायरल पत्र में नीचे वसुंधरा राजे के हस्ताक्षर भी थे. लेकिन वसुंधरा राजे ने इस पत्र को फर्जी और उनकी छवि खराब करने वाला बनाया था. जिसके बाद जयपुर पुलिस एमपी पहुंची थी और 19, 20 अप्रैल को कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े निखिल प्रजापति उर्फ अतुल प्रजापति, बिलाल खान और इनाम अहमद को हिरासत में लिया था.
इस हिरासत को लेकर कार्यकर्ताओं ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. याचिका में बताया गया था कि जयपुर पुलिस ने एमपी पुलिस की मदद से तीनों को हिरासत में ले लिया और 2 दिनों तक साइबर क्राइम थाने में रखा था. जबकि इस दौरान डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में भी पेश नहीं किया गया था. वहीं याचिका पर सुनवाई करने के बाद हाई कोर्ट ने दोनों ही स्टेट पुलिस को फटकार लगाई है.
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