‘बदमाशी करना हो तो वो भी कर लेना, राजपूत हूं’, भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर हंगामा; MLA-अध्यक्ष ने एक-दूसरे को धमकी दी
भोपाल में दिशा की मीटिंग के दौरान जनप्रतिनिधियों के बीच जमकर हंगामा हुआ.
MP News: भोपाल में जिला विकास समन्वय निगरानी समिति((DISHA) की कलेक्टर ऑफिस में बैठक हुई. इस दौरान विकासकार्यों की जानकारी और पेंच वर्क को लेकर जन प्रतिनिधियों के बीच जमकर नोकझोंक देखी गई. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील की जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत से जमकर बहस हुई. बहस के बाद विधायक मीटिंग छोड़कर चले गए.
‘बदमाशी करना हो तो वो भी कर लेना, राजपूत हूं’
जन प्रतिनिधियों के बीच तू-तू, मैं-मैं का वीडियो भी सामने आया है. इसमें विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील मीटिंग छोड़कर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान आतिफ अकील ने सांसद आलोक शर्मा से कहा कि बात आप से हो रही थी तो ये(प्रमोद राजपूत) बोलने वाले कौन होते हैं. तभी प्रमोद राजपूत कहते हैं कि मेरे पास भी बहुत पंचायत हैं. अगर बदमाशी करना हो तो वो भी कर लेना मैं राजपूत हूं, डरने वाला नहीं हूं.
BJP विधायक ने भी वर्किंग कमेटी पर उठाए सवाल
वहीं मीटिंग के दौरान दक्षिण पश्चिम से विधायक भगवानदास सबनानी ने भी निगम की वर्किंग पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने विकास कार्यों की जानकारी और पेंच वर्क को लेकर नाराजगी जताई. विधायक ने कहा कि कहीं भी सड़क खोद देते हैं, फिर दूसरी लाइन खोदकर परेशानी खड़ी करते हैं. अमृत 2.0 को लेकर भी सवाल उठाए.
‘उनकी विधानसभा में चाय पिएंगे, देखेंगे कौन क्या बिगाड़ता है’
वहीं मीटिंग के दौरान तू-तू, मैं-मैं पर जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने आरिफ मसूद आतिफ अकील पर धमकाने का आरोप लगाया है. प्रमोद सिंह राजपूत ने कहा, ‘मैं ग्रामीण क्षेत्र को रिप्रेजेंट करता हूं. मास्टर प्लान की बात निकली थी, इसमें ग्रामीण क्षेत्र भी आता है. मास्टर प्लान तैयार हो तो ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधि की भी सलाह ली जाए. इस बात पर चर्चा चल रही थी और इस बात पर आरिफ मसूद भड़क गए. वह सिर्फ अपनी विधानसभा का विकास चाहते हैं. आरिफ मसूद, आतिफ अकील ने मुझे धमकी दी है, लेकिन में हम किसी को छेड़ते नहीं अगर हमें कोई छेड़ेगा तो हम छोड़ेंगे नहीं. हम आरिफ मसूद और आतिफ अकील की विधानसभा में जाकर ही चाय पिएंगे. हम देखेंगे हमारा कौन क्या बिगाड़ता है.’
‘बदतमीजी बर्दाश्त नहीं, विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत करेंगे’
वहीं मीटिंग में हंगामे के बाद कांग्रेस के दोनों विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील बाहर निकल गए. सांसद आलोक शर्मा ने उन्होंने समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने और बाहर चले गए. बाहर निकलकर आतिफ अकील ने कहा, ‘टिंग के अंदर कोई जनप्रतिनिधि अपनी बात कह रहा है. सांसद, कलेक्टर को समस्याओं से अवगत करवा रहा है. तो क्या जनप्रतिनिधियों से बदतमीजी करने के लिए दिशा की बैठक रखी जाती है. आरिफ मसूद का सम्मान होना चाहिए. इसलिए मैंने मीटिंग छोड़ दी.’
वहीं आरिफ मसूद ने कहा, ‘हम लोग दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर के विकास की बात कर रहे थे. बिना मास्टर प्लान के शहर का विकास कैसे होगा. लेकिन दिशा की मीटिंग में एक जनप्रतिनिधि कलेक्टर और सांसद के सामने बदतमीजी के शब्द इस्तेमाल कर रहा था. जब ऐसी स्थिति हो जाए तो मीटिंग में बैठने का कोई मतलब नहीं है. मैं लिखकर इसकी शिकायत करूंगा. विधानसभा अध्यक्ष से इसकी शिकायत करूंगा.’
‘बैठक में हंगामा नहीं होना चाहिए था’
वहीं मीटिंग के दौरान जनप्रतिनिधियों के बीच जबरदस्त नोकझोंक को लेकर सांसद आलोक शर्मा और भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि इस तरह हंगामा नहीं होना चाहिए था. आलोक शर्मा ने कहा, ‘इतनी महत्वपूर्ण मीटिंग में जो घटना हुई है, वो नहीं होनी चाहिए थी. घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए. मास्टर प्लान को लेकर 20 साल हो गया. मैं भोपाल का बेटा हूं. मैं समझता हूं कि मास्टर प्लान आना चाहिए. तभी भोपाल का समग्र विकास होगा. शहर के विकास को लेकर बैठक बुलाई गई थी. विषय की जानकारी नहीं होने के कारण ये सब हुआ है.’
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