‘पिछड़ेपन और प्रतिनिधित्व के आंकड़ों पर प्रमोशन दे रहे’, पदोन्नति में आरक्षण को लेकर सरकार ने MP HC में जवाब पेश किया
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट
MP News: मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण को लेकर एक बार फिर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट में राज्य सरकार की तरफ से जवाब पेश किया गया. इस दौरान सरकार ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण पिछड़ेपन और प्रतिनिधि आंकड़ों के आधार पर दे रहे हैं. जिसके बाद कोर्ट ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं के साथ डेटा को शेयर किया जाए.
स्पेशल बेंच कर रही है हियरिंग
मामले में इसके पहले सोमवार को ACJ (एक्टिंग चीफ जस्टिस) विवेक रूसिया ने मामले में सुनवाई की थी लेकिन ACJ ने खुद को केस से अलग कर लिया था. ACJ विवेक रूसिया आर बी राय केस में बतौर वकील पेश हो चुके थे, जबकि प्रमोशन में आरक्षण के मामले में आर बी राय केस के आधार पर ही बहस होनी है.
इसके बाद ACJ ने स्पेशल बेंच बनाई है. मंगलवार को जस्टिस विनय सराफ और जस्टिस विवेक अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने केस की सुनवाई की है.
21 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की तरफ से सीलबंद लिफाफे में जवाब के साथ डेटा पेश किया गया था. लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को डेटा साझा करने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा कि जब तक याचिकाकर्ताओं को पूरा डेटा ही नहीं शेयर किया जाएगा, तो वे अपनी आपत्तियां कैसे दर्ज करवा पाएंगे. अब मामले में अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी. इसके पहले 17 जुलाई तक याचिकाकर्ताओं की तरफ आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी.
बता दें कि प्रमोशन में आरक्षण को लेकर मामला हाई कोर्ट में है. इसको लेकर राज्य के हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों की नजर है. फैसले के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी लाभान्वित होंगे.