Barwani News: अंजड़ की महिलाओं ने बारिश के लिए निभाई पुरानी परंपरा, घर-घर जाकर गाए इंद्र गीत
बारिश के लिए महिलाओं ने निभाई पुरानी परंपरा
इनपुट-सचिन राठौर
Barwani News: बड़वानी जिले के अंजड़ नगर में बारिश की कमी से चिंतित महिलाओं ने शुक्रवार देर रात एक पारंपरिक अनुष्ठान किया. उन्होंने टोलियां बनाकर घर-घर जाकर वर्षा गीत गाए, अन्न और सामग्री एकत्र की और फिर सामूहिक पूजा-अर्चना कर अच्छी बारिश की कामना की.
इंद्र देव की स्तुति की गई
इस अनुष्ठान के तहत महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मोहल्लों में निकलीं और ‘इंद्र राजा’ को समर्पित लोक गीत गाए. इन गीतों के माध्यम से इंद्र देव की स्तुति की गई और उनसे वर्षा की प्रार्थना की गई. इस दौरान उन्होंने प्रत्येक घर से आटा, चावल, दाल और गुड़ जैसी सामग्री एकत्र की.
इस अनुष्ठान को करने से बारिश होती है
बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है. जब भी बारिश में देरी होती है, अंजड़ की महिलाएं इस लोक रीति का पालन करती हैं. ऐसी मान्यता है कि इस अनुष्ठान से इंद्र देव प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी वर्षा होती है. इसी आस्था के साथ महिलाओं ने यह रस्म निभाई.
पूजा समापन के बाद प्रसाद दिया गया
संगीता बाई ने जानकारी दी कि दान में एकत्र सामग्री का उपयोग नगर में सामूहिक पूजा के लिए किया गया. महिलाओं ने इंद्र देव से पश्चिम निमाड़ क्षेत्र में समय पर और पर्याप्त बारिश होने की प्रार्थना की. पूजा के समापन पर प्रसाद वितरित किया गया.
बारिश न होने से किसान परेशान
क्षेत्र में बारिश की कमी के कारण किसान परेशान हैं. मक्का, सोयाबीन और कपास जैसी फसलें प्रभावित हो रही हैं, और जलस्रोतों का स्तर भी नहीं बढ़ा है. इसी चिंता के चलते महिलाएं लोक आस्था के माध्यम से प्रकृति को प्रसन्न करने का प्रयास कर रही हैं.
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हर साल निभाई जाती है यह परंपरा
नगर की निवासी ललिता बाई ने बताया कि वर्षा न होने पर अंजड़ की महिलाएं हर साल यह परंपरा निभाती हैं. लोक मान्यता है कि ऐसे अनुष्ठान और लोक गीत गाने से इंद्र देव का प्रकोप शांत होता है. महिलाओं को उम्मीद है कि उनकी प्रार्थना से जल्द बारिश होगी और खेतों में खुशहाली आएगी.