Mauganj: कागजों में 10 लाख की सड़क, अस्पताल पहुंचने से पहले टूट रही उम्मीदें, अनशन पर बैठे ग्रामीण

Mauganj News: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले वर्ष विधायक निधि से सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे. ग्रामीणों का दावा है कि सरपंच, सचिव और संबंधित उपयंत्री विजय कुमार मिश्रा की कथित मिलीभगत के चलते राशि का दुरुपयोग हुआ
mauganj 10 lakh rupees sanctioned for road remains unbuilt villagers protest

मऊगंज: ग्रामीणों ने सड़क के लिए किया प्रदर्शन

Mauganj News: विकास के दावों के बीच मऊगंज जिले के नईगढ़ी विकासखंड का सिगटी कला गांव आज भी एक पक्की सड़क के लिए संघर्ष कर रहा है. बुधवार को बहेरा कोठार ग्राम पंचायत के सिगटी कला गांव के दर्जनों ग्रामीण नईगढ़ी जनपद पंचायत कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए. उपसरपंच श्रवण कुमार शुक्ला के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की.

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक निधि से सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत होने के बावजूद आज तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ. ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव और संबंधित उपयंत्री पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और तत्काल सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है. हालांकि, इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर अभी पुष्टि नहीं हुई है.

दशकों बाद भी सड़क का सपना अधूरा

करीब 800 की आबादी वाले सिगटी कला गांव के लोगों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी उनका गांव मुख्य मार्ग से जुड़ने वाली पक्की सड़क से वंचित है. ग्रामीणों के अनुसार पहले भूमि उपलब्ध न होने का हवाला देकर निर्माण कार्य टाल दिया जाता था, लेकिन गांव के लोगों ने जनहित को देखते हुए तीन-चार वर्ष पहले ही अपनी जमीन दानपत्र के माध्यम से शासन के नाम दर्ज करा दी. इसके बावजूद सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है.

10 लाख रुपये स्वीकृत, कागजों में सड़क

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले वर्ष विधायक निधि से सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे. ग्रामीणों का दावा है कि सरपंच, सचिव और संबंधित उपयंत्री विजय कुमार मिश्रा की कथित मिलीभगत के चलते राशि का दुरुपयोग हुआ. सड़क निर्माण नहीं कराया गया. ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की वित्तीय और तकनीकी जांच कर यह सार्वजनिक किया जाए कि स्वीकृत राशि का उपयोग आखिर कहां हुआ. हालांकि, इस कथित वित्तीय अनियमितता की अभी तक किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है.

अस्पताल-स्कूल तक पहुंचना दूभर

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में गांव का संपर्क लगभग पूरी तरह कट जाता है. कीचड़ और जलभराव के बीच गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए आज भी चारपाई का सहारा लेना पड़ता है. स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, किसान अपनी उपज समय पर बाजार नहीं पहुंचा पाते और आम लोगों का आवागमन भी मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों का दावा है कि सड़क के अभाव में वर्षों के दौरान कई लोगों की जान भी जा चुकी है.

ये भी पढ़ें: Mauganj: बरसात में उजड़े आशियाने, 21 दिन बाद भी नहीं मिला घर, बेघर आदिवासी परिवार पहुंचे कलेक्ट्रेट

‘निर्माण और जांच तक अनशन जारी रहेगा’

उपसरपंच श्रवण कुमार शुक्ला ने कहा कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती है, तब तक ग्रामीण जनपद पंचायत कार्यालय के सामने अपना अनशन जारी रखेंगे. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांव की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए.

प्रशासन के सामने उठे कई अहम सवाल

ग्रामीणों के आंदोलन ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि विधायक निधि से सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, तो निर्माण कार्य अब तक क्यों शुरू नहीं हुआ? यदि राशि खर्च की गई तो उसका उपयोग किस कार्य में हुआ? यदि निर्माण नहीं हुआ तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? इन सवालों के जवाब अब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएंगे. फिलहाल सिगटी कला के ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि सड़क, जवाबदेही और न्याय चाहिए.

ज़रूर पढ़ें