MP News: सड़क किनारे लगे पेड़ सूखने पर SDO और सब इंजीनियर होंगे सस्‍पेंड, PWD ने जारी किया फरमान

MP News: सड़कों के किनारे लगाए गए पौधों और पेड़ों के सूखने या उनके रखरखाव में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
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सांकेतिक तस्‍वीर

MP News: मध्‍य प्रदेश में अब लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों की जिम्मेदारी सिर्फ सड़कों की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहेगी. सड़कों के किनारे लगाए गए पौधों और पेड़ों के सूखने या उनके रखरखाव में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने ऐसे मामलों में उपखंड अधिकारी (SDO) और सब इंजीनियर को सीधे जिम्मेदार मानने का फैसला किया है.

लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता (सड़क एवं भवन) को निर्देश दिए हैं कि सड़क किनारे लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्ती बरती जाए. सरकार की ओर से जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि पौधों के संरक्षण और उनके नियमित रखरखाव में किसी भी स्तर पर उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी.

निर्धारित मानकों का नहीं हो रहा पालन

विभाग के मुताबिक, सड़कों के निर्माण और निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर पौधों की देखभाल से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन नहीं मिला. पौधों के तनों के आसपास 45 सेंटीमीटर तक मिट्टी और मुरम की मल्चिंग की व्यवस्था करना जरूरी है, ताकि पौधों को पर्याप्त सुरक्षा मिल सके और उनकी नमी बनी रहे. इस व्यवस्था में लापरवाही का एक मामला भोपाल में सामने आया था, जहां विभाग के एक सब इंजीनियर को निलंबित किया जा चुका है.

मंत्रालय ने नियमित निगरानी के दिए निर्देश

मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों में सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में पौधों के संरक्षण की व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा गया है. भोपाल में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भी अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.

लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई

विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पौधों की सुरक्षा और रखरखाव में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के साथ निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ भी नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. इस पूरी व्यवस्था की निगरानी और निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित SDO की होगी.

अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सड़क किनारे लगाए गए प्रत्येक पौधे के तने के आसपास निर्धारित मानक के अनुसार 45 सेंटीमीटर तक मिट्टी और मल्चिंग की व्यवस्था हो. पौधों की नियमित सुरक्षा और देखभाल की निगरानी के साथ अधिकारियों को खुद मौके पर निरीक्षण करना होगा. निरीक्षण के दौरान यदि निर्माण एजेंसी या ठेकेदार द्वारा तय निर्देशों की अनदेखी मिलती है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी.

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