बिहार: राजभवन मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए तेजस्वी यादव, कार्यकर्ताओं ने तोड़ी बैरिकेडिंग
तेजस्वी यादव
Tejashwi yadav: बिहार के सीवान में पिछले दिनों छात्रों के प्रदर्शन के दौरान फायरिंग का मामला सामने आया था. यहां पुलिस की तरफ से छात्रों को कंट्रोल करने के लिए एके-47 तक से फायरिंग की गई थी.यह बात खुद पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार की है. इसी को लेकर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब सड़कों पर उतर चुके हैं. वह राजभवन तक मार्च निकाल रहे हैं, मार्च के दौरान ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इसके लिए पुलिस ने वाटर कैनन भी चलाया है. जब पुलिस की तमाम कोशिशों के तेजस्वी नहीं रुके तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया.
राजधानी पटना में राजभवन मार्च में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचे हुए थे. जब राजभवन के पास पहुंचे तो उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया.
हिरासत में लिए गए तेजस्वी यादव
पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान तेजस्वी ने कहा कि किसी भी हाल में हम डरने वाले नहीं हैं. हम छात्रों के अधिकार के खातिर पेपर लीक रोकने के लिए बिहार को आग बढ़ाने के लिए आवाज उठाते रहेंगे. उन्होंने आगे कहा कि जनता चुप बैठने वाली नहीं है. हमें न्याय चाहिए. जवाबदेही तय हो कि किसके आदेश पर गोली चलाई गई. बिहार पेपर लीक का केंद्र बनता जा रहा है.
तानाशाही वाली सरकार नहीं चलेगी
तेजस्वी के मार्च के दौरान पुलिस और कार्यकर्ता के बीच झड़प भी हुई. इस दौरान एक कार्यकर्ता का कपड़ा भी फट गया. वहीं पुलिस पर भी कार्यकर्ताओं ने खाली बोतलें फेंकी हैं. लोकभवन मार्च का नेतृत्व कर रहे तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों में गुस्सा है. छात्रों पर एके-47 से फायरिंग की गई है. ऐसी तानाशाही सरकार नहीं चलेगी.
वाटर कैनन के इस्तेमाल पर तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर आरोप लगाते हुए कहा, “यह सब उनके आदेश पर हो रहा है. लेकिन इससे (वाटर कैनन) कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. जनता जाग चुकी है और सड़कों पर है. अब सरकार को झुकना ही पड़ेगा. ऐसे काम नहीं चलेगा.”
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