जन्माष्टमी व्रत में बनाएं झटपट साबूदाना खिचड़ी, जानें आसान रेसिपी

Janmashtami Sabudana Khichdi Recipe: व्रत के दौरान अनाज और कई तरह की समान्य चीजों का सेवन नहीं किया जाता. ऐसे में फलाहार सबसे अच्छा ऑप्शन माना जाता है. अगर आप जन्माष्टमी के व्रत में कुछ स्दिष्ट और जल्दी बनने वाला खाना चाहते हैं, तो साबूदाना खिचड़ी एक बढ़िया ऑप्शन हो सकती है.
sabudana khichdi

इस जन्माष्टमी बनाएं साबूदाना खिचड़ी

Quick Sabudana Khichdi Recipe: जन्माष्टमी का व्रत भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए बहुत खास होता है. इस दिन श्रद्धालु अपनी आस्था और क्षमता के अनुसार उपवास रखते हैं और भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं. व्रत के दौरान अनाज और कई तरह की समान्य चीजों का सेवन नहीं किया जाता. ऐसे में फलाहार सबसे अच्छा ऑप्शन माना जाता है. अगर आप जन्माष्टमी के व्रत में कुछ स्दिष्ट और जल्दी बनने वाला खाना चाहते हैं, तो साबूदाना खिचड़ी एक बढ़िया ऑप्शन हो सकती है. इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता और इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी आसानी से मिल जाती है. ऐसे में आइ जनते हैं आसान रेसिपी के बारे में.

साबूदाना खिचड़ी के लिए सामग्री

  • साबूदाना
  • उबले हुए आलू
  • मूंगफली
  • सेंधा नमक
  • हरी मिर्च
  • नींबू
  • थोड़ा सा घी या तेल
  • हरा धनिया

बनाने की आसान विधि

  • सबसे पहले साबूदाने को अच्छी तरह धोकर कुछ घंटों के लिए पानी में भिगो दें.
  • साबूदाना अच्छी तरह फूल जाए तो उसका एक्स्ट्रा पानी निकाल दें और उसे कुछ देर के लिए छानकर रख दें.
  • अब एक पैन में थोड़ा सा घी गर्म करें. इसमें मूंगफली डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें.
  • इसके बाद बारीक कटी हरी मिर्च और उबले हुए आलू डालकर कुछ मिनट तक पकाएं.
  • अब पैन में भीगा हुआ साबूदाना और सेंधा नमक डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें.
  • साबूदाने को कुछ मिनट तक पकाएं. जब साबूदाना पारदर्शी दिखाई देने लगे तो समझें कि खिचड़ी तैयार है.
  • गैस बंद करके इसमें नींबू का रस डालें. ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर सजाएं.
  • अब गरमा-गरम साबूदाना खिचड़ी व्रत में फलाहार के तौर पर परोस सकते हैं. यह स्वादिष्ट होने के साथ बनाने में भी काफी आसान है.

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कल है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 4 सितंबर को देर रात 2:25 बजे शुरू होकर 5 सितंबर की रात 12:13 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के कारण 4 सितंबर को पूरे दिन जन्माष्टमी का योग है और इसी रात 11:04 बजे तक रोहिणी नक्षत्र भी रहेगा. भगवान श्रीकृष्ण का जन्म आधी रात को हुआ था, इसलिए पूजा के लिए 4 और 5 सितंबर के बीच की मध्यरात्रि का समय सबसे उत्तम और शुभ है.

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