क्या भारत में कोरोना जैसा कहर बरपाएगा स्वाइन फ्लू? जानें मामलों में अचानक आई तेजी पर ICMR ने क्या कहा

ICMR Swine Flu Statement India: वहीं इस नए वायरस को लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्थिति भी साफ कर दी है. इसके अलावा, वैज्ञानिकों ने यह भी बताया है कि यह शरीर के लिए कितना खतरनाक है. ऐसे में आइए जानते हैं इस नए फ्लू के बारे में.
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स्वाइन फ्लू का खतरा

ICMR Scientists Warns: कोरोना महामारी का कहर तो हम सबने देखा है. इस जानलेवा वायरस का खतरा इतना ज्यादा बढ़ गया था कि देश से लेकर विदेशों तक दो से तीन साल तक लॉकडाउन की स्थिति बनी रही थी. इन दिनों एक और फ्लू के खतरे की खबर सामने आ रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वाइन फ्लू नाम की बीमारी राजधानी दिल्ली समेत कई दूसरे इलाकों में देखने को मिल रही है. इस नए फ्लू की खबर से लोगों में कोरोना वायरस की तरह ही डर का माहौल बना हुआ है.

वहीं इस नए वायरस को लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्थिति भी साफ कर दी है. इसके अलावा, वैज्ञानिकों ने यह भी बताया है कि यह शरीर के लिए कितना खतरनाक है. ऐसे में आइए जानते हैं इस नए फ्लू के बारे में.

क्या है स्वाइन फ्लू वायरस?

आईसीएमआर के अनुसार देश में बढ़ते स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले मौसमी इन्फ्लुएंजा का हिस्सा हैं, जो मौसम बदलने पर ऐक्टिव होते हैं. राहत की बात यह है कि यह स्ट्रेन साल 2025 से ही सर्कुलेशन में है और इसमें कोई नया या खतरनाक म्यूटेशन नहीं मिला है. हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रहते हुए अधिकारियों ने मरीजों की कड़ी निगरानी, तुरंत जांच और समय पर इलाज के सख्त निर्देश दिए गए हैं.

क्यों बढ़ रहे केस?

दिल्ली एम्स के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल के मुताबिक, इन्फ्लूएंजा सिर्फ सर्दियों में ही नहीं, बल्कि मौसम बदलने, बारिश या उमस के दौरान भी तेजी से फैल सकता है. ऐसे मौसम में लोग ज्यादातर समय बंद और एसी कमरों में बिताते हैं. यदि कमरों में वेंटिलेशन सही न हो, तो वहां मौजूद संक्रमित मरीज से दूसरों में वायरस फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है.

कमजोर इम्यूनिटी से बढ़े फ्लू के मामले

डॉक्टर के अनुसार, संक्रमण फैलने के तीन मुख्य कारण हैं. समाज में वायरस की मौजूदगी, लोगों में इसके खिलाफ कम इम्यूनिटी और खराब मौसम. इसके अलावा, आजकल सर्दी-खांसी और फ्लू के लक्षण दिखने पर लोग पहले से ज्यादा टेस्टिंग करवा रहे हैं, जिससे आंकड़ों में मरीजों की संख्या बढ़ी हुई दिखाई दे रही है.

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

आमतौर पर फ्लू होने पर ज्यादातर लोग बिना किसी खास इलाज के खुद ही ठीक हो जाते हैं. हालांकि, बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियो से पीड़ित लोगों के लिए यह संक्रमण खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की सलाह है कि इस बीमारी से घबराएं नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें. वायरस से बचने के लिए नियमित रूप से हाथ धोकर ही खाना खाएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर हमेशा मास्क पहनकर रहें.

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