जन्माष्टमी पर कान्हा को लगाएं गोपालकला का भोग, झटपट बनाएं महाराष्ट्र की ये खास डिश
Maharashtrian Gopalkala Janmashtami Bhog: माखन-मिश्री, खीर और मिठाइयों के अलावा इस बार आप महाराष्ट्र की पारंपरिक डिश गोपालकला भी बना सकते हैं. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बनाने में भी बहुत आसान है. गोपालकला को भगवान कृष्ण के भोग के लिए खास माना जाता है.
गोपालकला भोग
Maharashtrian Prasadam Preparation: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को उनके पसंदीदा पकवानों का भोग लगाया जाता है. माखन-मिश्री, खीर और मिठाइयों के अलावा इस बार आप महाराष्ट्र की पारंपरिक डिश गोपालकला भी बना सकते हैं. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बनाने में भी बहुत आसान है. गोपाकला को भगवान कृष्ण के भोग के लिए खास माना जाता है. दही हांडी के मौके पर भी इसे मटकी में भरकर फोड़ा जाता है और बाद में प्रसाद के रूप में भक्तों के बीच बांटा जाता है. अगर आप जन्माष्टमी पर कुछ अलग और जल्दी बनने वाला व्यंजन बनाना चाहते हैं, तो गोपालकला एक बेहतरीन ऑप्शन है.
गोपालकला बनाने के लिए सामग्री
- 2 कप पोहा
- 1 कप दही
- ½ कप दूध
- ½ कप बारीक कटा हुआ खीरा
- ½ कप कद्दूकस किया हुआ नारियल
- 2 बड़े चम्मच भुनी हुई मूंगफली
- 1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
- 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हुआ हरा धनिया
- स्वादानुसार नमक
- 1 छोटा चम्मच चीनी
- 1 छोटा चम्मच राई
- कुछ करी पत्ते
- 1 चुटकी हींग
- थोड़ा सा तेल या घी
ये भी पढ़ें-जन्माष्टमी व्रत में बनाएं झटपट साबूदाना खिचड़ी, जानें आसान रेसिपी
गोपालकला बनाने की आसन रेसिपी
- सबसे पहले पोहे को छलनी में डालकर हल्के पानी से धो लें. इसे ज्यादा देर तक पानी में न रखें, नहीं तो पोहा बहुत नरम हो सकता है.
- पानी निकलने के बाद पोहे को कुछ मिनट के लिए अलग रख दें.
- अब एक बड़े बर्न में पोहा लें. इसमें दही और दूध डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद इसमें कटा हुआ खीरा, कद्दूकस किया नारियल, भुनी हुई मूंगफली, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें.
- अब स्वाद के अनुसार नमक और थोड़ी सी चीनी डालकर सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें.

- इसके बाद तड़का तैयार करें. एक छोटी कड़ाही में थोड़ा सा तेल या घी गर्म करें और फिर इसमें राई डालें.
- राई चटकने लगे तो करी पत्ता और चुटकी भर हींग डाल दें. तैयार तड़के को गोपालकला के ऊपर डालकर अच्छी तरह मिला लें.
- गोपालकला को कुछ मिनट के लिए सेट होने दें. इसके बाद भगवान श्रीकष्ण को इसका भोग लगाएं.