ममता को फुटबॉल खिलाड़ी और ऋतव्रत को लिफाफा… EC ने TMC के दोनों गुटों को बांटे सिंबल
चुनाव आयोग से ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और बागी गुट की पार्टी को चुनाव चिंह मिल गया है.
EC Announces Symbols: चुनाव आयोग से ममता बनर्जी और बागी गुट की पार्टी को चुनाव चिंह मिल गया है. जिसमें ममता को फुटबॉल खिलाड़ी और ऋतव्रत को लिफाफा चुनाव चिंह मिला है. TMC के पुराने “फूल और घास” चुनाव चिह्न को लेकर विवाद के बीच चुनाव आयोग का फैसला सामने आया है.
चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं. अरूप रॉय गुट को “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस” नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न मिला है. वहीं, ममता बनर्जी गुट को “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम और फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिह्न मिला है, ताकि उसे पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों में एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का दर्जा मिल सके.
Mamata Banerjee led Trinamool Congress allotted the name 'Mamata All India Trinamool Congress' and the symbol 'Football Player', to be treated as a recognized political party in the States of West Bengal, Meghalaya and Tripura
— ANI (@ANI) September 18, 2026
The group led by Arup Roy is allotted the name… pic.twitter.com/1VECH6MoUK
ऋतव्रत बनर्जी ने बताया कि हमने चुनाव आयोग को तीन नाम सुझाए थे. पहला, ‘नेशनलिस्ट तृणमूल कांग्रेस’, दूसरा, ‘वेस्ट बंगाल तृणमूल कांग्रेस’ और तीसरा, ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’. चुनाव आयोग ने बताया कि पहले दो नाम क्यों नहीं दिए जा सकते और इसके बजाय तीसरा नाम दिया. हालांकि, चुनाव चिह्न के मामले में हमें अपनी पहली पसंद मिल गई.
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राजनीति में वंशवाद का कोई मतलब नहींः ऋतव्रत
वहीं ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी को लेकर उन्होंने कहा, “यह एक ऐसी पार्टी की प्रकृति को दिखाता है जो किसी एक व्यक्ति के प्रभाव (कल्ट) से चलती है. राजनीति में ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों’ या ‘वंशवादी उत्तराधिकारियों’ जैसी बातों का कोई मतलब नहीं होता. राजनीतिक व्यवस्था में मालिकाना हक जैसी कोई चीज नहीं होती.”