इलेक्शन कमीशन से ममता-ऋतब्रत दोनों गुटों को झटका, TMC का सिंबल और नाम फ्रीज, कल तक 3 ऑप्शन मांगे
पूर्व सीएम ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी
West Bengal Politics: चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस का चुनाव चिन्ह और नाम दोनों को फ्रीज कर दिया है. ये पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुट के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है. दोनों गुट आगामी विधानसभा उपचुनाव में पार्टी का नाम और चिन्ह का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे.
Election Commission of India issues Interim Order over AITC name and symbol matter; says, "Neither of the two groups led by Arup Roy (Petitioner) and other led by Mamata Banerjee (Respondent) shall be permitted to use the name of the party “All India Trinamool Congress”… pic.twitter.com/0oEfBOCrIF
— ANI (@ANI) September 17, 2026
इलेक्शन कमीशन का क्या कहना है?
भारत के चुनाव आयोग ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के नाम और चुनाव चिह्न के मामले में अंतरिम आदेश जारी किया है. आयोग का कहना है कि अरूप रॉय (याचिकाकर्ता) और ममता बनर्जी (प्रतिवादी) के नेतृत्व वाले किसी भी गुट को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी. दोनों में से किसी भी गुट को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के लिए आरक्षित ‘फूल और घास’ (Flowers & Grass) वाले चुनाव चिह्न का उपयोग नहीं कर सकेंगे.
कल तक जमा करने होंगे 3 ऑप्शन
चुनाव आयोग की ओर से साफ किया गया है कि दोनों गुट चुनाव और नाम के 3-3 ऑप्शन जमा करने होंगे. दोनों गुटों को अलग-अलग चुनाव चिह्न दिए जाएंगे, जिन्हें वे मौजूदा उपचुनावों के लिए चुनाव आयोग द्वारा जारी ‘फ्री सिंबल’ (free symbols) की सूची में से चुन सकते हैं.
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अपने-अपने उम्मीदवार उतारे
दरअसल, 6 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं. इससे पहले चुनाव चिन्ह और नाम का छिन जाना बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है. दोनों गुटों ने अपने-अपने उम्मीदवारों का ऐलान भी कर दिया था. जहां ऋतब्रत बनर्जी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउद्दीन शेख को उतारा था. वहीं, ममत बनर्जी गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को अपना प्रत्याशी बनाया था.