Sagar: पुलिस ने नकली शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश, 8 आरोपी गिरफ्तार

Sagar: पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ग्राम छापरी निवासी 89 सामान्य राजपूत थाना बंडा और उसका दोस्त रोहित पटेल निवासी पिपरिया थाना गढ़ाकोटा पूर्व से दिनेश तिवारी निवासी मुरैना के संपर्क में थे.
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रिपोर्ट-परसराम साहू

Sagar: मध्य प्रदेश के सागर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जहां सागर गोल्ड नाम की नकली अमानक शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. मामले में सागर पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से खाली प्लास्टिक की बोतल सहित कई मशीनें जब्त की हैं.

नकली शराब बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

दरअसल, सागर के बंडा में हुए शराब कांड के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी क्रम में पुलिस ने नकली शराब बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से 10,000 से ज्यादा खाली प्लास्टिक की शीशियां, बोतल बनाने वाली डाई मशीन, बोतल पैक करने वाली डाई मशीन, बोतल सील करने वाली मशीन सहित कई प्रकार की शीशियां जब्त की हैं.

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने किए बड़े खुलासे

आरोपियों ने नकली शराब बनाने के लिए चंदू राजा ग्राम ततरवारा को चुना था, जहां पर आरोपी नकली शराब बनाने का अवैध कारोबार कर रहे थे. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ग्राम छापरी निवासी 89 सामान्य राजपूत थाना बंडा और उसका दोस्त रोहित पटेल निवासी पिपरिया थाना गढ़ाकोटा पूर्व से दिनेश तिवारी निवासी मुरैना के संपर्क में थे.

शिवन्या और रोहित ने चंदू राजा को नकली अमानक शराब बनाने का आइडिया दिया था, जिसके कारण चंदू राजा ने दिनेश चौहान और उसकी टीम को ग्राम ततरवारा में नकली शराब बनाने के लिए सहमति दी थी, जिससे अधिक नकली शराब बनाकर लाभ अर्जित किया जा सके. आरोपी दिनेश शिवहरे अपने साथियों के साथ बंडा आया. साथ ही नकली शराब बनाने के लिए खाली बोतल, ढक्कन, शराब पैक करने वाले गत्ते के कार्टून, ढक्कन पैक करने की मशीन साथ में लाया. जहां पूरे सामान को चंदू राजा के गांव ततरवारा में रखवाया गया.

आरोपियों ने शराब में प्रयुक्त स्पिरिट/थिनर को ट्रांसपोर्ट के माध्यम से दिल्ली से सागर बुलाया था, जहां सागर से गाड़ी में लेकर आरोपी ग्राम ततरवारा पहुंचे, जहां पर नकली शराब बनाने का खेल शुरू हुआ. मुरैना निवासी दिनेश शिवहरे ने नकली शराब बनाई, जहां शराब की पेटियां चंदू राजा ने अपने सहयोगियों और लाइसेंस की दुकान की आड़ में ग्राम ततरवारा गांव के आसपास कमीशनखोरों को बेच दी.

शराब बनाने वाले आरोपी की मौतजिस दिनेश शिवहरे ने नकली शराब को तैयार किया था, वही शराब पीने से उसकी तबीयत खराब हो गई. सागर के निजी अस्पताल में उसका इलाज चला, जहां उसके सहयोगी ने उसे अस्पताल से डिस्चार्ज करवा लिया. मुरैना जाते वक्त दिनेश शिवहरे की मौत हो गई. दिनेश शिवहरे के एक साथी देवा उर्फ देवेंद्र की आंखों की रोशनी चली गई.

इसी बीच आरोपियों को समझ आ गया कि जो शराब बनाई गई है, वह अमानक है और उससे लोगों की जान जा रही है, परंतु अमानक शराब क्षेत्र में वितरित हो चुकी थी. इसी बीच आरोपी पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए भागने लगे और लोगों की मौतों का सिलसिला शुरू हो गया. पुलिस ने मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

शराब कांड में 20 से ज्यादा मौतें

अभी तक शराब कांड में 20 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।पुलिस ने शराब कांड में अब तक 52 आरोपी बनाए हैं, जहां 37 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. आरोपियों ने नकली शराब बनाकर आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी और उसके पार्टनर आशीष साहू के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र में नकली शराब को खपाया था.

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