फसल खराब होने पर किसानों को मिलेगा मुआवजा, 72 घंटे के अंदर दें नुकसान की सूचना, जानें पूरी प्रोसेस
फसल खराब होने पर मिलेगा मुआबजा
Crop Damage Compensation: मॉनसून की तेज बारिश से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है. धान, तिल और मूंग जैसी फसलें बारिश और जलभराव से प्रभवित हुई हैं. अगर आपकी फसल भी प्राकृतिक आपदा से खराब हुई है, तो मुआवजा पाने के लिए समय पर नुकसान की जानकारी देना जरूरी है. फसल बीमा नहीं होने पर भी कुछ परिस्थितियों में सरकारी आपदा राहत की तहत सहायता मिल सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि सरकार से कैसे मदद लें.
72 घंटे के अंदर देनी होगी नुकसान की सूचना
- फसल खराब होने के बाद किसान को सबसे पहले इसकी जानकारी संबंधित तहसील या अधकारियों को देनी चाहिए.
- इससे मौके पर सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जा सकेगा.
- इसके अलावा कृषि रक्षक पोर्टल के टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर शिकायत दर्ज की जा सकती है.
- किसान Crop Insurance App के जरिए भी ऑनलाइन नुकसान की जानकारी दे सकते हैं.
- कृषि अधिकारी, लेखपाल, पटवरी, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि या KCC वाले बैंक से भी कान्टैक्ट किया जा सकता है.
खेत में नुकसान हुआ तो भी कर सकते हैं दावा
ओलावृष्टि, बिजली गिरने, भूस्खलन या बेमौसम बारिश जैसी स्थानीय आपदा में अगर सिर्फ एक किसान के खेत को नुकसान हुआ है, तो उसी खेत का सर्वे किया जा सकता है. इसके लिए पूरे गांव में नुकसान होना जरूरी नहीं है. वहीं बाढ़, सूखा जैसी स्थिति में निर्धारित क्षेत्र को आधार बनाकर फसल नुकसान का आकलन किया जाता है.
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मुआवजा पाने के लिए इन गलतियों से बचें
- बता दें कि नुकसान की सूचना देने में देरी न करें. आधार, बैंक खाते और भूमि रिकॉर्ड में नाम की जानकारी एक जैसी रखें.
- बीमा में वही फसल दर्ज होनी चाहिए, जो खेत में बोई गई है.
- फसल बदलने पर समय रहते बैंक या CSC के जरिए जानकारी अपडेट कराएं.
- नुकसान की तस्वीर लते समय Crop Insurance App का इस्तेमाल करें, ताकि फोटो के साथ जरूरी लोकेशन और डट की जानकारी दर्ज हो सके.
- मुआवजे की राशि DBT के जरिए बैंक खाते में आती है, इसलिए आधार लिंक और DBT सक्रिय होना जरूरी है.