कुर्सी के झगड़े में सपा का संगठन साफ! अखिलेश कर दी गोरखपुर की पूरी कार्यकारिणी भंग

Gorakhpur politics: गोरखपुर में ‘कुर्सी कांड’ के बाद अखिलेश ने बड़ा एक्शन लिया है. यही वजह है कि पूरी सपा कार्यकारिणी को भंग कर द‍िया गया है.
Akhilesh Yadav(File Photo)

अख‍िलेश यादव

Gorakhpur Politics: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच हुए विवाद ने पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुर्सी को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और थप्पड़ तक पहुंच गया था. घटना के अगले ही दिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा एक्शन लिया है.उन्‍होंने गोरखपुर की जिला और महानगर कार्यकारिणी को भंग कर दिया.

सपा के इस फैसले को लेकर केंद्रीय कार्यालय की ओर से एक लेटर भी जारी किया गया है. इसके मुताबिक गोरखपुर जिला और महानगर संगठन के साथ-साथ फ्रंटल संगठनों की संबंधित इकाइयों को भी तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया है. यानी कार्रवाई सिर्फ विवाद में शामिल नेताओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे संगठन को इसकी जद में लिया गया है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुर्सी को लेकर भिड़े थे नेता

मामला शनिवार को गोरखपुर प्रेस क्लब में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ. कार्यक्रम में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी भी मौजूद थे. इसी दौरान गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार अंशुमान सिंह के समर्थकों के साथ उनकी कहासुनी हो गई.

विवाद की शुरुआत बैठने और कुर्सी की जगह को लेकर हुई. देखते ही देखते मामला गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गया. आरोप है कि अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने नगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया. घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया.

कुछ घंटों में अंशुमान सिंह पर कार्रवाई

घटना के बाद सपा ने अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया. इसके बाद अखिलेश यादव ने गोरखपुर संगठन की पूरी कार्यकारिणी को भंग करने का फैसला किया इस कार्रवाई को पार्टी में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

गोरखपुर में चल रही वर्चस्व की लड़ाई

गोरखपुर में टिकट की दावेदारी और स्थानीय नेताओं के बीच वर्चस्व को लेकर पहले भी मतभेद सामने आते रहे हैं. साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव संगठन में अनुशासन और एकजुटता को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते.

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