BJP के साथ गठबंधन में यूपी चुनाव लड़ेंगे राजा भैया? पंकज चौधरी से मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज
राजा भैया बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ
UP Election 2027: यूपी चुनाव से पहले प्रदेश में सियासी उठापटक जारी है. कई बड़े नेता इधर से उधर पलटी मार रहे हैं. भाजपा और सपा दो दलों में सबसे ज्यादा खींचतान देखने को मिल रही है. इसी बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से मुलाकात कर प्रदेश के सियासी हलचल को तेज कर दिया. हालांकि, दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन राजनीति में हर मुलाकात के मायने जरूर होते हैं. लोग इसे यूपी चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं.
यूपी की राजनीति में राजा भैया का मानना है कि वे प्रदेश में भाजपा और सपा के बाद तीसरे दल के रूप में हैं. क्योंकि उनके पास कांग्रेस के बराबर और बसपा से ज्यादा विधायक हैं. इसके अलावा उनकी पार्टी से एक एमएलसी भी हैं. इसके अलावा राजा भैया की काफी समय से शिकायत रही है कि भाजपा उनको तवज्जो नहीं देती है. जबकि उनके पास बसपा से ज्यादा विधायक हैं. यानी उनका कहना है कि हम कांग्रेस और बसपा से बड़े दल हैं.
11 सीटों पर होने हैं MLC चुनाव
यूपी में 11 सीटों पर MLC चुनाव हो रहे हैं. लेकिन कई ऐसी सीटें हैं, जहां पर भाजपा को कड़ी टक्कर मिल रही है या यूं कहें कि भाजपा के लिए जीत इतनी भी आसान नहीं है. शायद यही वजह है कि भाजपा अब छोटे-मोटे दलों को साधने का प्रयास कर रही है. जिनके माध्यम से एमएलसी चुनाव पर जीत दर्ज की जा सके. भाजपा ने जनसत्ता दल की राजनीतिक ताकत को देखते हुए उनसे संपर्क साधा है. हालांकि, दोनों के बीच क्या बात हुई और क्या परिणाम निकला. इसको लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
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क्या यूपी चुनाव में भी आएंगे साथ?
हालांकि, ऐसा एक बार नहीं कई बार देखा गया है कि राजा भैया हिंदुत्व और हिंदू हितों से जुडे़ मुद्दों पर अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटते हैं. उनके कई बयान सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल होते रहते हैं. यानी उनकी विचारधारा भाजपा की विचारधारा से काफी हद तक मेल खाती है. शायद यह भी वजह रही होगी कि भाजपा ने उन्हें साधने का प्रयास किया. राजा भैया और पंकज चौधरी के मुलाकात की वजह चाहे जो भी रही हो लेकिन यूपी चुनाव से पहले मुलाकात की घटना ने प्रदेश के सियासी पारा को हाई कर दिया है. अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा सिर्फ एमएलसी चुनाव में ही राजा भैया से साथ रहती है या फिर यूपी विधानसभा चुनाव में साथ आएगी.