Korba Local News: बैंकाक में नौकरी का झांसा देकर भेज दिया म्यांमार, एक साल तक बनाए रखा बंधक

Korba Local News:  कोरबा. महिला फेसबुक पर बैंकाक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी का विज्ञापन देख झांसे में आ गई.
Korba Myanmar Human Trafficking Case

Korba Local News: कोरबा जिले की एक महिला फेसबुक पर बैंकाक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी का विज्ञापन देख झांसे में आ गई. उसे बिचौलिए का काम करने वाली महिला और उसके साथी बैंगलुरू से फ्लाईट में बैंकाक ले गए, जहां से पीड़िता को गाड़ी में बॉर्डर पारकर म्यांमार भेज दिया गया. वह करीब एक साल तक म्यांमार के केके पार्क में बंधक बन कर रही. पुलिस भारतीय दूतावास व प्रशासन की मदद से न सिर्फ देश वापसी कराने में सफलता पाई, बल्कि आरोपी महिला को महाराष्ट्र से गिरफ्तार भी किया है. (Korba Myanmar Human Trafficking Case)

बताया जा रहा है कि दर्री थाना क्षेत्र में एक महिला निवास करती है. उसे काम की तलाश थी. इसी दौरान उसकी नजर फेसबुक पर एक विज्ञापन में पड़ी. विज्ञापन में बैंकाक में ऑफिस असिस्टेंट की जरूरत होने का जिक्र था. इस पद के लिए 30 हजार थाई भाट प्रतिमाह मिलने की बातें कही गई थी. साथ ही कुछ संपर्क नंबर भी दिए गए थे. महिला विदेश में नौकरी और अच्छी खासी तनख्वाह के झांसे में आ गई. उसने विज्ञापन में लिखे नंबर पर संपर्क की. इस दौरान उसकी बातचीत एक महिला और उसके कुछ साथियों से हुई. उन्होंने महिला को बैंगलुरू बुला लिया. वे महिला को अपने साथ फ्लाईट से थाईलैंड ले गए, जहां से गाड़ी में बार्डर पार करा म्यांमार भेज दिया.

पासपोर्ट किया जब्त

म्यांमार के केके पार्क में महिला के पासपोर्ट जप्त कर लिया. उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित की जाने लगी. उस पर फर्जी सोशल मीडिया आईडी के जरिए ऑन लाइन ट्रेडिंग व निवेश के नाम पर लोगों से ठगी के लिए दबाव बनाया जाने लगा. मामले का खुलासा तब हुआ, जब करीब एक साल तक महिला न तो घर लौटी और न ही उसका कोई खबर मिली. सूचना मिलने पर पुलिस हरकत में आई. पुलिस ने महिला की पतासाजी शुरू की. इस दौरान मिली जानकारी के आधार पर एक साल तक केके रह रही थी महिला, भारतीय दूतावास व जिला प्रशासन की मदद से हुई वापसी भारतीय दूतावास व जिला प्रशासन से संपर्क किया गया. पुलिस ने लगातार प्रयास के बाद भारतीय दूतावास व प्रशासन की मदद से पीड़िता को देश वापसी कराने में सफलता पाई. (Korba Myanmar Human Trafficking Case)

उसने दरीं थाना पहुंचकर आपबीती सुनाई. इस दौरान पता चला कि पीड़िता को अप्रैल 2025 से अगस्त 2026 तक म्यांमार में बंधक बनाकर रखा गया. उसे ठगी के लिए मजबूर किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 143(2),146 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर लिया. इसके साथ ही आरोपियों की पतासाजी शुरू की गई. मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के गोंदिया से स्नेहा भथलाल बडोले 35 वर्ष को गिरफ्तार किया है. उसे वैधानिक कार्रवाई उपरांत कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है. पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है. इसके अलावा गिरोह के डिजिटल व वित्तीय नेटवर्क की जांच की जा रही है. संभवतः जांच में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. (Korba Myanmar Human Trafficking Case)

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