मुरैना और श्योपुर के छह वनकर्मी सस्पेंड, कूनो नेशनल पार्क में चीता की गोली लगने से हुई थी मौत
कूनो नेशनल पार्क
कूनो राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में नर चीता शावक KNG22 की गोली लगने से हुई मौत के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने मुरैना और श्योपुर वन मंडल के छह वनकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबित किए गए कर्मचारियों में दोनों वन मंडलों के रेंजर, डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड शामिल हैं. 19 महीने के चीता शावक की मौत के बाद वन विभाग की निगरानी, ट्रैकिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे. अब विभागीय कार्रवाई के जरिए मैदानी अमले की जवाबदेही तय करने की कोशिश की गई है.
जानकारी के मुताबिक, चीता शावक KNG22 की गोली लगने से मौत के मामले में मुरैना और श्योपुर वन मंडल के मैदानी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है. मुरैना वन मंडल के तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है. इनमें पहाड़गंज रेंज के रेंजर आकाश तोमर, पहाड़गंज सबरेंज के डिप्टी रेंजर कीर्ति कुमार शांडिल्य और बीट गार्ड दिनेश गरैया शामिल हैं.
इसी तरह श्योपुर वन मंडल के विजयपुर क्षेत्र में पदस्थ तीन वनकर्मियों पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई है. इनमें विजयपुर रेंज के रेंजर जाहर सिंह गौड़, डिप्टी रेंजर गब्बर सिंह बजोरिया और बीट गार्ड कुलदीप सिंह गुर्जर शामिल हैं.
मैदानी अमले की जिम्मेदारी तय करने की कोशिश
चीता शावक की गोली लगने से मौत ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे. चीता संरक्षण परियोजना के तहत कूनो और आसपास के क्षेत्रों में चीतों की निगरानी के लिए ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है. इसके बावजूद चीता शावक को गोली लगने की घटना सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जवाबदेही का सवाल उठा.
छह वनकर्मियों के निलंबन को इसी दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. हालांकि, इस कार्रवाई के बाद अब यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या घटना के लिए केवल मैदानी अमला जिम्मेदार था या निगरानी व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी.
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
चीता संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी केवल मैदानी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है. इसमें अधिकारियों से लेकर ट्रैकिंग टीम और स्थानीय वन अमले तक की भूमिका होती है. ऐसे में छह कर्मचारियों के निलंबन के बाद जांच का दायरा कितना व्यापक होगा, इस पर भी नजर रहेगी. फिलहाल वन विभाग की कार्रवाई ने चीता संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है.
मुरैना वन मंडल से निलंबित
- आकाश तोमर – रेंजर, पहाड़गंज.
- कीर्ति कुमार शांडिल्य – डिप्टी रेंजर, सबरेंज पहाड़गंज.
- दिनेश गरैया – बीट गार्ड.
- श्योपुर वन मंडल से निलंबित:
- जाहर सिंह गौड़ – रेंजर, विजयपुर रेंज.
- गब्बर सिंह बजोरिया – डिप्टी रेंजर, विजयपुर.
- कुलदीप सिंह गुर्जर – बीट गार्ड
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