बांग्लादेश में फिर भारत विरोधी नारे! तारिक रहमान सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे नाहिद इस्लाम
ढाका में प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी
Bangladesh News: बांग्लादेश में भले ही सरकार बदल गई, प्रधानमंत्री के साथ-साथ पूरा प्रशासन बदल गया हो. लेकिन, वहां हालात सही होने का नाम नहीं ले रहे हैं. एक बार फिर भारत विरोधी नारों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया. प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब भारत के मुद्दे तक पहुंच गया.
शुक्रवार (30 अक्टूबर) को राजधानी ढाका में नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) ने बड़ी रैली निकाली. इसका नेतृत्व पार्टी के संयोजक और विपक्ष के मुख्य सचेतक नाहिद इस्लाम ने किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘दिल्ली नहीं, ढाका’ जैसे नारे लगाए.
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग
ढाका के शाहबाग इलाके में आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद और ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद के इस्तीफे की मांग की. नाहिद इस्लाम ने सरकार पर महंगाई, बिजली संकट और गैस-ईंधन की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल ना करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं को दूर करने के बजाय अपनी सत्ता बचाने में लगी है.
भारत के खिलाफ भी लगाए आरोप
रैली के दौरान नाहिद इस्लाम ने भारत को लेकर भी तीखे बयान दिए. उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की जमीन और संसाधनों का इस्तेमाल भारत के हितों के लिए करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों की मौत और भारत में मुसलमानों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया.
नाहिद इस्लाम ने भारत और बांग्लादेश के बीच 1996 में हुए गंगा जल बंटवारा समझौते का भी जिक्र किया. यह समझौता दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है. उन्होंने कहा कि इसके रिन्यू करने में बांग्लादेश के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
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