CG News: वेदांता प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 21, चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 पर दर्ज हुई है FIR
छत्तीसगढ़ वेदांता ब्लास्ट
CG News: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिलें में स्थित वेदांता पावर प्लांट हादसे में एक गंभीर घायल हुए एक और मजदूर की मौत हो गई है. मृतक मजदूर की पहचान मध्य प्रदेश निवासी किस्मत अली के रूप में हुई है. इस हादसे में अब जान गवाने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है. भीषण हादसे में कुल 36 लोग झुलसे थे. इन सभी में से 15 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती किया गया है.
कंपनी के चेयरमैन समेत 10 लोगों पर FIR
जानकारी के अनुसार, इस मामले में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्रबंधन समेत 10 लोगों के खिलाफ डभरा थाने में एफआईआर दर्ज हुई है. घटना के करीब 24 घंटे बाद औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की पड़ताल की, जिसमें प्लांट प्रबंधन की गंभीर चूक सामने आई है.
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी में सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज किया गया, जिसके चलते बॉयलर फट गया. चेतावनी मिलने के बावजूद काम जारी रखा गया और मशीनों के संचालन व रखरखाव में भी लापरवाही बरती गई.
BNS की धाराओं में केस दर्ज
इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल, प्रबंधक देवेन्द्र पटेल समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ डभरा थाने में अपराध क्रमांक 119/2026 के तहत बीएनएस की धारा 106(1), 289 और 3(5) में केस दर्ज किया गया है.
मशीनों के रखरखाव में बड़ी चूक
जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी और संबंधित इकाई द्वारा मशीनरी और उपकरणों के रखरखाव में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया. उपकरणों की अनदेखी और संचालन में लापरवाही के कारण बॉयलर के दबाव में अचानक बदलाव आया, जिससे यह हादसा हुआ.
जांच के लिए विशेष टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम बनाई है. इस टीम में एसडीओपी सुमित गुप्ता, फोरेंसिक अधिकारी सृष्टि सिंह और थाना प्रभारी राजेश पटेल शामिल हैं, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.
मुआवजे और नौकरी का ऐलान
इधर, कंपनी प्रबंधन ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया है. इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार ने भी आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.