वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट, नवीन जिंदल ने FIR पर उठाए सवाल, बोले – बिना जांच अनिल अग्रवाल पर केस चिंताजनक
उद्योगपति नवीन जिंदल ने अनिल अग्रवाल पर FIR का विरोध जताया
Naveen Jindal On Vedanta Power Plant Blast: सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या 23 पहुंच गई है. हादसे में घायल 13 मजदूरों का इलाज जारी है. इस मामले में कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 लोगों पर FIR दर्ज की गई है. अब उद्योगपति नवीन जिंदल ने इस केस पर सवाल उठाए हैं.
नवीन जिंदल ने क्या कहा?
सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके नवीन जिंदल ने लिखा कि अनिल अग्रवाल का नाम FIR में शामिल करना चिंता का विषय है. घटना की जांच पहले होना चाहिए, उसके बाद सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
Industry chambers @FollowCII, @ASSOCHAM4India, @ficci_india, @phdchamber and @ICC_Chamber, you have a responsibility beyond conferences and policy papers.
— Naveen Jindal (@MPNaveenJindal) April 18, 2026
When due process is bypassed and investor confidence is threatened, as in the case of the baseless FIR filed against Shri… https://t.co/4toxlKkCTW
‘ये त्रासदी बेहद दुखद’
हादसे की निंदा करते हुए जिंदल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई यह त्रासदी बेहद दुखद है. 20 परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है. परिवारों के लिए उचित मुआवजा, आजीविका सहायता और गहन जांच, ये ऐसी मांगें हैं जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता. लेकिन, किसी भी जांच से पहले ही FIR में अनिल अग्रवाल का नाम शामिल करना गंभीर चिंताएं पैदा करता है.
उन्होंने आगे लिखा कि वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से सफलता पाई है. वे एक साधारण और पिछड़े समुदाय से आते हैं, जिन्होंने जमीन से उठकर एक वैश्विक स्तर का उद्यम खड़ा किया. उस प्लांट के संचालन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी.
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सरकारी उद्यमों पर उठाए सवाल
नवीन जिंदल ने सोशल मीडिया पोस्ट में सवालिया लहजे में कहा कि जब PSU प्लांट्स या रेलवे में दुर्घटनाएं होती हैं, तो क्या हम चेयरमैन का नाम FIR में जोड़ते हैं? हम ऐसा नहीं करते हैं. यही मापदंड निजी क्षेत्र पर भी लागू होना चाहिए. पहले जांच होनी चाहिए. सबूतों के आधार पर ज़िम्मेदारी तय की जानी चाहिए. उसके बाद ही कोई कार्रवाई करें.