31 विभागों की समीक्षा के लिए 10 दिन का समय तय किया गया है. इस दौरान सभी अधिकारियों को वित्त विभाग के साथ समन्वय बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही पिछले बजट में कितना विभागों ने पैसा खर्च किया है.
MP News: सिंहस्थ में सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 60 हजार पुलिसकर्मी मध्य प्रदेश के और 20 हजार अर्द्धसैनिक बल व दूसरे राज्यों की पुलिस तैनात रहेगी.
MP News: नल जल योजना को लेकर प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कार्यों की प्रगति में किसी प्रकार की शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी एमपीयूडीसी में इंजीनियर इन चीफ बनाए जाने के लिए बारह सेवानिवृत्त इंजीनियरों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया गया था. इनमें से चार इंटरव्यू देने ही नहीं पहुंचे.
प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष-2026 में "समृद्ध किसान समृद्ध प्रदेश" के लक्ष्य को साकार करने के लिए 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया.
MP News: कमांड क्षेत्र विकास आधुनिकीकरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति भी गठित की जाएगी. इस समिति में जिले के कलेक्टर अध्यक्ष होंगे. जलसंसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग के कार्यपालन यंत्री सदस्य सचिव होंगे.
MP News: करीब 10 लाख रुपए से अधिक कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा पर खर्च किया जाएगा. इसके लिए कर्मचारियों के खाते से अलग-अलग स्लैब में रकम की कटौती होगी. मध्य प्रदेश में लंबे समय से कर्मचारी मांग कर रहे थे कि उनके स्वास्थ्य बीमा की पॉलिसी को बदलाव किया जाए.
CM Mohan Yadav Davos Visit: सीएम यादव कॉर्पोरेट सत्र में होंगे शामिल साथ ही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम सत्र में शामिल रहेंगे. नवीन और नवकरणीय ऊर्जा पर प्रजेंटेशन भी दिया जाएगा. 10 विभागों के अलग-अलग उद्योगपतियों के साथ बैठक करेंगे.
MP News: सेव लाइफ फाउंडेशन और आईआईटी मद्रास जैसी संस्थाओं के जरिए सड़क सुरक्षा मित्रों को प्रशिक्षण दिलाया. एड और फर्स्ट रेस्पांडर के व्यवहार के साथ दुर्घटना जांच की मूल बातें, सड़क सुरक्षा ऑडिट और ब्लैक स्पॉट की जांच भी शामिल किया गया.
MP News: सतपुड़ा बाघ अभ्यारण्य उन कई क्षेत्रों में से एक है, जो पहले कठोर जमीन वाले बारासिंघा हिरण के वितरण क्षेत्र में आते थे. 2015 तक कान्हा बाघ अभ्यारण्य ही इस हिरण की एकमात्र स्वतंत्र रूप से विचरण करने वाली आबादी का घर था.