MP News: वन विभाग का कहना है कि पदों की पुनर्गणना कर जल्द ही संशोधित विज्ञापन जारी किया जाएगा, ताकि आरक्षण नियमों के अनुसार सभी वर्गों को उनका अधिकार मिल सके. वहीं वन रक्षक भर्ती के लिए 28 फरवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और परीक्षा 7 अप्रैल को प्रस्तावित है.
MP News: जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार बार-बार कृषि को लाभ का धंधा बनाने का दावा करती है, लेकिन प्रदेश के किसानों की वास्तविक स्थिति बेहद चिंताजनक है.
MP News: राज्य स्तरीय समीक्षा के बाद कलेक्टरों से वर्चुअल संवाद में मुख्यमंत्री ने खरीदी का शेड्यूल स्पष्ट किया. इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक, जबकि जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर संभाग में 23 मार्च से 12 मई तक उपार्जन होगा.
मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन ने सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है. पार्टी का मानना है कि जो नेता और कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सक्रिय रहेंगे, उन्हें संगठन में नई जिम्मेदारी दी जाएगी.
MP News: CAG रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि देरी के कारण न केवल परियोजनाओं की लागत बढ़ी, बल्कि उनकी प्रभावशीलता भी प्रभावित हुई. मध्य प्रदेश निर्माण विभाग नियमावली और वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के तहत वन भूमि के डायवर्जन के लिए केंद्र सरकार से पूर्व अनुमति अनिवार्य है.
प्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री का पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. वर्तमान संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को हाल ही में प्रदेश का सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख बनाए जाने के बाद यह पद रिक्त हो गया है. इसके चलते नए नाम को लेकर अटकलें तेज हैं.
सूत्रों के अनुसार, संभावित नामों में आईजी योजना अपूर्व सिंह, आईजी एससीआरबी हरिनारायण चारी मिश्र, आईजी इंटेलिजेंस डॉ. आशीष और आईजी प्रशासन रविचंद्रन मिश्रा शामिल बताए जा रहे हैं.
शासन की तरफ से बताया गया है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा वर्षों से फील्ड कार्य के लिए वाहन सुविधा की आवश्यकता जताई जा रही थी, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है.
डवास ने अपने पत्र में लिखा है कि वन विभाग में सिस्टम परिवर्तन अभियान के तहत यह आवश्यक है कि वन बल प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पद पर ऐसे अधिकारी की नियुक्ति हो, जिसे मैदानी कार्यों और विभागीय दायित्वों का व्यापक अनुभव हो.
वर्तमान में प्रदेश के करीब 97 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों से 84 लाख हितग्राही जुड़े हुए हैं. सेवाओं की पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए आंगनबाड़ियों में जियो-फेंसिंग आधारित ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है, जिससे कार्यकर्ताओं और हितग्राहियों की उपस्थिति की वास्तविक समय में मॉनिटरिंग हो सके.