गुलाल बनाने के लिए सभी प्रकार के फूलों का उपयोग किया जाता है. मुख्यतः गेंदे, गुड़हल, पलाश और चमेली जैसे फूलों का उपयोग गुलाल बनाने में होता है. शुद्ध गुलाल की डिमांड मध्य प्रदेश के बाहर दिल्ली, बेंगलुरु और हरियाणा जैसे शहरों में भी हो रही है.
पूरक पोषण आहार की दर का निर्धारण भारत सरकार द्वारा किया जाता है. पिछली बार वर्ष 2017 में पूरक पोषण आहार की दर में वृद्धि की गई थी. ये जानकारी विधानसभा में चुरहट विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक अजय सिंह के सवाल के जवाब में सरकार ने दिया है.
Rewa: रीवा में विस्फोटक पदार्थ से न केवल नुकसान पहुंचाया गया बल्कि गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगे हैं.
Rewa News: बकाया बिजली बिल के भुगतान में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं. इस तरह के हालात अकेले विद्युत वितरण कंपनी पूर्व संभाग के बने हैं. बार-बार कार्यपालन यंत्री द्वारा सूचित करने के बाद भी जिम्मेदार बिल जमा करने में आनाकानी करते नजर आ रहे हैं.
Rewa News: गौरव तिवारी ने रीवा के कॉलेज चौराहा में एक होर्डिंग लगवाया गया, जो फिलहाल जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है. इस होर्डिंग में लिखे गए संदेश ने स्थानीय लोगों के बीच राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है और सोशल मीडिया पर भी इसकी काफी चर्चा हो रही है.
Satna News: रामसज्जन मल्लाह ने बताया कि जब वे छोटे थे, तो उन्हें पढ़ने के लिए यहां से 3 किलोमीटर दूर तिघरा प्राथमिक शाला पैदल जाना पड़ता था. बारिश और गर्मी में उन्हें बहुत परेशानी होती थी. उन्होंने तय किया कि उनके गांव उचवा टोला के वंचित समाज के बच्चों को यह कष्ट नहीं झेलना पड़ेगा.
अस्पताल में लगे मधुमक्खियों के छत्ते की वजह से यहां भर्ती मरीजों और उनके अटेंडर समेत स्टाफ दहशत में रहता है. मधुमक्खी अक्सर खिड़कियों के आसपास उड़ती रहती हैं.
Rewa News: प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से यहां निवास कर रहे हैं. उन्होंने अपने मकान बनाए, बिजली-पानी के कनेक्शन लिए और नियमित रूप से टैक्स का भुगतान भी किया है.
MP News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में राजस्व अधिकारी ने ऐसा कारनामा किया है किया पूरा मामला लोकायुक्त तक पहुंच गया है. तहसीलदार ने यहां जमीन का नामांतरण कराने के लिए प्लॉट मांगा और परिजन के नाम रजिस्ट्री करा दी. जानें पूरा मामला-
Rewa News: समाजसेवी वी. के. माला ने कहा कि रैली के दौरान ब्राह्मण, ठाकुर और बनिया समाज के खिलाफ आपत्तिजनक, अमर्यादित और अशोभनीय नारे लगाए गए . वहीं अधिवक्ता आनंद तिवारी का कहना है कि किसी भी वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है.