कांग्रेस नेता गुरमीत सिंह मंगू ने कहा कि देश की सोई हुई जनता को जगाने का काम राहुल गांधी कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अनिल अंबानी, अंबानी ग्रुप और Adani Group ने सत्ता के संरक्षण में देश के आम जनमानस के साथ आर्थिक अनियमितताएं की हैं, जिनका सच अब सामने आ रहा है.
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि जिलों द्वारा पहले खरीदे गए इंटरएक्टिव पैनल एंड्रॉइड 11 और 4 जीबी रैम कॉन्फिग्रेशन के थे, जबकि राज्य स्तर पर लिए गए पैनल एंड्रॉइड 13 और 8 जीबी रैम जैसी उन्नत तकनीक के साथ खरीदे गए.
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 के लिए 43 हजार पदों की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है. स्वीकृति मिलने के बाद यह तय किया जाएगा कि किन-किन श्रेणियों के पदों पर भर्ती की जाएगी.
जानकारी के अनुसार, बैकुंठपुर से भाजपा नेता सीताराम साकेत के घर गृह प्रवेश कार्यक्रम रखा गया था. कार्यक्रम के दौरान सुबह करीब 10 बजे से लाउडस्पीकर पर भगवान शंकर, मां दुर्गा, भगवान कृष्ण समेत अन्य देवी-देवताओं के लिए अपशब्द कहे जा रहे थे.
पुलिस द्वारा परिवार वालों से पूछताछ करने पर पता चला कि मृतक छात्र उत्कर्ष के 12वीं के एग्जाम चल रहे थे और वहां उसने पिछले साल भी 12वीं के एग्जाम दिए थे, लेकिन उसके कम नंबर आने पर फेल हो गया था. इसलिए फिर से 12th के एग्जाम दे रहा था.
सोमवार को बरैठा टोल प्लाजा पर दोनों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. कुछ ही मिनटों में गोलियों की आवाज से पूरा टोल परिसर दहशत में आ गया और कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.
प्रदेश कांग्रेस के विचार विभाग के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत जिनकी मातृभूमि है. जिनकी मां भारत माता है. जिस मातृभूमि का इतिहास हजारों साल पुराना है, वहीं हजारों साल पुरानी सभ्यता की पितृ भूमि ईजराईल जैसा नवजात देश कैसे हो सकता है.
सरकार के इस फैसले से लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षकों को राहत मिली है. अतिथि शिक्षकों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोल ब्लॉक के लिए 8 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है और कलेक्टर की सूची के अनुसार 12,998 परिवार प्रभावित हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित आदिवासी परिवारों को पूर्ण मुआवजा नहीं दिया गया है और मुआवजा वितरण में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं.
मध्य प्रदेश कर्मचारी अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है, लेकिन यह नियम केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. अधिकारियों की भी मॉनिटरिंग होनी चाहिए.