Shahdol: देश में ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़े हुए कई मामले सामने आ रहे है. हाल में मध्य प्रदेश के शहडोल से एक मामला सामने आया है, इस केस में ऑनलाइन गेम में लाखों रुपये हारने और कर्ज से लदे शख्स ने कोल्ड्रिंक में जहर मिलाकर पी लिया. फिर अपनी पत्नी और बेटी को […]
Indian Railways: होली के त्योहार को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है. त्योहार पर यात्रियों की भीड़ देखते हुए भोपाल मंडल से अलग-अलग शहरों के लिए 4 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें संचालित की जाएंगी.
MP Weather Update: मध्य प्रदेश का मौसम इन दिनों मानों आंख मिचोली खेल रहा है. भोपाल समेत कई जिलों में तेज धूप देखने को मिली है तो कई जिलों से आंधी-बारिश की खबरें सामने आ रही है.
ग्वालियर और कटनी जिलों में पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है.
ईओडब्ल्यू को 12 जून 2019 को भोपाल निवासी दीपक भावसार से लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी. इसमें बताया गया था कि भोपाल स्थित तीन बहुमूल्य संपत्तियों को गिरवी रखकर लगभग 3 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट प्राप्त की और राशि का दुरुपयोग किया.
मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दलीलें सुनी. इसके बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करने का आदेश दिया. कोर्ट ने माना कि मामला संवेदनशील है और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका है. ऐसे में इस स्तर पर जमानत देना सही नहीं होगा.
मध्य प्रदेश के जबलपुर में 5 अफगानी घुसपैठियों को ATS कोर्ट में पेश किया गया. सुनवाई के बाद कोर्ट ने घुसपैठियों को 10 मार्च तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है.
गुलाल बनाने के लिए सभी प्रकार के फूलों का उपयोग किया जाता है. मुख्यतः गेंदे, गुड़हल, पलाश और चमेली जैसे फूलों का उपयोग गुलाल बनाने में होता है. शुद्ध गुलाल की डिमांड मध्य प्रदेश के बाहर दिल्ली, बेंगलुरु और हरियाणा जैसे शहरों में भी हो रही है.
पुलिस ने बताया है कि गंगोली गांव के रहने वाले राम लखन गुर्जर ने सिरोली गांव की एक युवती के साथ भाग कर प्रेम विवाह कर लिया था. इस प्रेम विवाह से लड़की का पिता गिर्राज गुर्जर ने बदला लेने लड़के के परिवार और उनके घर को निशाना बनाया.
शिक्षा के क्षेत्र में भी पहल की गई है. वर्ष 2025 में विभिन्न कक्षाओं में 1007 बंदियों ने अध्ययन किया, 550 बंदी हिंदी राष्ट्रभाषा परीक्षा में शामिल हुए. 6,646 बंदियों को साक्षर बनाया गया. सरकार का कहना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य बंदियों का पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है.