स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डिप्टी CM विजय शर्मा झीरम घाटी पहुंचे, बोले – बस्तर खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने झीरम घाटी के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
CG News: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर जिले के झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया और उनके बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धा एवं संकल्प के नारों के साथ उन्हें याद किया. इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने बताया कि झीरम के शहीदों की याद में बने स्मारक को जल्द ही स्मरणीय स्वरूप में बनाया जाएगा, इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है.
कौन-कौन मौजूद रहा?
इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर महापौर संजय पांडे और क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों सहित बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद झीरम घाटी पहुंचकर नक्सली हमले में शहीद प्रदेश के वीर नेताओं एवं साथियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की उनकी स्मृति में वृक्षारोपण कर झीरम की पावन माटी भी श्रद्धापूर्वक एकत्रित की।
— Vijay sharma (@vijaysharmacg) August 15, 2026
बस्तर तिरंगा यात्रा का मार्ग नारायणपुर से ताड़मेटला होते हुए… pic.twitter.com/EffjNTGQtB
छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर विभीषिका
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर विभीषिका थी. इस घटना में हमने प्रदेश के वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खोया. राज्य के पूर्व मंत्री स्व. नंदकुमार पटेल एवं नेता प्रतिपक्ष रहे स्वर्गीय महेंद्र कर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता.
उन्होंने कहा कि आज वे झीरम के शहीदों को यह बताने आए हैं कि जिस ताकत ने बस्तर को वर्षों तक अपने भय और हिंसा के साये में रखा. जिसने संविधान और लोकतंत्र की पहुंच को बस्तर के सुदूर अंचलों तक नहीं पहुंचने दिया, जिसने तिरंगे को फहराने से रोकने का प्रयास किया और विकास की गति को अवरुद्ध किया, उस ताकत को जड़ से उखाड़ फेंका गया है.
‘बस्तर आजाद हवा में सांस ले रहा है’
डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि आज बस्तर फिर से खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है. तीन दिन की इस बस्तर तिरंगा यात्रा में हमने बस्तर के 5 जिलों में 600 किमी तय कर सभी को तिरंगा यात्रा द्वारा शांति का संदेश दिया और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के आखिरी गढ़ रहे कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर हमने पूरे देश को यह संदेश दिया है कि अब भारत का संविधान देश के हर कोने में लागू होगा.
अब कोई बंदूक के बल पर इस धरती को मासूमों के रक्त से रक्तरंजित नहीं कर सकेगा. उन्होंने कहा कि झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो. आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
शहीदों के परिजनों से की मुलाकात
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया. उन्होंने शहीदों के परिजनों से कहा कि शासन द्वारा सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है. शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए प्रदान किया.
‘हौसले और विश्वास से जीता है’
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है. बस्तर के युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं. हमने बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता है.
उन्होंने कहा कि भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है. इसका परिणाम है कि 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है. यह परिवर्तन बस्तर में शांति और विश्वास की नई सुबह का संकेत है.