जगदलपुर की सेंट्रल जेल पर उठे सवाल! 10 दिनों में 3 कैदियों की मौत, कांग्रेस ने की न्यायिक जांच की मांग
जगदलपुर सेंट्रल जेल में दस दिनों में 3 कैदियों की मौत
Jagdalpur Central Jail: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर की सेंट्रल जेल इन दिनों गलत वजहों से सुर्खियों में है. आंतरिक व्यवस्था, कैदियों की निगरानी प्रणाली और स्वास्थ्य सुविधा में कमी को लेकर विवाद में घिर गया है. केवल दस दिनों में जेल में बंद तीन कैदियों की मौत हो गई है. इन आकस्मिक मौतों से कारागर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. ताजा मामला दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद 60 साल के कैद संदु कश्यप की इलाज के दौरान मौत हो गई.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक कर्रेकोट नयापारा निवासी संदु कश्यप 28 दिसंबर 2025 से दुष्कर्म के मामले में सेंट्रल जेल में बंद था. नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार 6 जून की देर रात संदु की तबीयत अचानक खराब हो गई. ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद उसे आनन-फानन में रात करीब 11.40 बजे डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. आपातकालीन वार्ड में उसका इलाज कराया गया, जहां गिरते स्वास्थ्य की वजह से उसने अगले दिन सुबह 7.47 बजे दम तोड़ दिया. जेल प्रबंधन ने कैदी की मौत का कारण हार्ट फेल्योर और उच्च रक्तचाप बताया है.
एक जून से शुरू हुआ सिलसिला
सेंट्रल जेल में मौत का सिलसिला एक जून से शुरू हुआ. चाचा की हत्या में जेल में बंद महिला कैदी रमयती बघेल ने जेल प्रहरियों को चकमा देकर अपनी चुन्नी से फांसी लगा ली. इस घटना का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि नक्सली गतिविधियों में लिप्त विचाराधीन कैदी रमेश कुंजाम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि जेल के बाथरूम में पैर फिसलने से सिर में गहरी चोट आई और कुंजाम की मौत हुई.
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कांग्रेस ने जेल हुई मौतों के मामलों में प्रबंधन की लापरवाही बताई है. इसे मानवाधिकार हनन का मामला बताया. पार्टी नेताओं ने न्यायिक जांच की मांग की है. इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है.