Bilaspur: खेल मैदान को कमर्शियल बनाने का मामला, अब हाई कोर्ट पहुंचा साइंस कॉलेज मैदान आवंटन का विवाद

Bilaspur: बिलासपुर में साइंस कॉलेज मैदान के कमर्शियल इस्तेमाल का मामला अब हाई कोर्ट पहुंच गया है. हाई कोर्ट ने कलेक्टर को तीन दिन के भीतर इस विवाद के निपटारे की बात कही है.
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साइंस कॉलेज मैदान

Bilaspur: बिलासपुर में साइंस कॉलेज मैदान के कमर्शियल इस्तेमाल का मामला अब हाई कोर्ट पहुंच गया है. हाई कोर्ट ने कलेक्टर को तीन दिन के भीतर इस विवाद के निपटारे की बात कही है. फिलहाल मामला जिला प्रशासन के पाले में है.

साइंस कॉलेज मैदान को कमर्शियल बनाने का मामला

बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में बच्चों की खेल की गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित है. कॉलेज के प्राचार्य प्रवीण पांडे लगातार कभी मीना बाजार, कभी उद्योग मेला कभी व्यापार मेला और कभी फन पार्क जैसी गतिविधियों के लिए इसे किराए पर उपलब्ध करवा रहे हैं. नियमों के अनुसार इस मैदान के प्रतिदिन का किराया₹20000 है और साइकिल स्टैंड मिलकर प्रतिदिन 10000 यानी 1 दिन के ₹30000 के हिसाब से इस मैदान को उपलब्ध कराया जाना है, लेकिन कई मामलों में आयोजकों से कम राशि और पिछले साल के कर्ज के बावजूद कॉलेज प्रबंधन घाटे पर उन्हें यह मैदान उपलब्ध करवा रहा है. यही कारण है कि अब यह मामला धीरे-धीरे बढ़ते चले जा रहा है.

हाई कोर्ट ने कलेक्टर को दिए निर्देश

पिछले दिनों फन पार्क के लिए सलीम मोहम्मद नाम के आयोजक ने इस साइंस कॉलेज मैदान को किराए पर मांगा था जिसे देने से खेल अधिकारियों ने मना कर दिया था यही कारण है कि उन्होंने मामला हाई कोर्ट में लगा दिया. हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद कलेक्टर को तीन दिन के भीतर इस पूरे मसले पर निपटारे की बात कही है.

शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान को कमर्शियल इस्तेमाल करने और बतौर कमीशन इसे देने के नाम पर कॉलेज के प्राचार्य प्रवीण पांडे पर कई तरह के आरोप लग रहे हैं. इसकी शिकायत कलेक्टर तक पहुंच गई है. इसके अलावा जन भागीदारी समिति ने भी कॉलेज के प्राचार्य प्रवीण पांडे को हटाने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री से पत्राचार किया है इसके बावजूद मामला पेंडिंग है. कॉलेज में पढ़ाई नहीं होने और कमीशन खोरी बढ़ते चले जाने की लगातार बातें सामने आ रही है. इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं जिसके चलते ही साइंस कॉलेज मैदान और कॉलेज में विवाद बढ़ रहा है. सवाल इस बात को लेकर उठना है कि आखिर इन विवादों के बावजूद आखिर प्राचार्य प्रवीण पांडे को क्यों नहीं हटाया जा रहा है? जबकि इनकी कार्य प्रणाली को लेकर जनप्रतिनिधि भी सवालों के घेरे में है जो लगातार प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट कहना है कि किसी भी खेल मैदान को पहले प्राथमिक तौर पर उन बच्चों को उपलब्ध करवाना है जिन्हें इसकी जरूरत है इसके बावजूद बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान के कमर्शियल उपयोग का मामला विवादों से घिर गया है. कॉलेज के प्राचार्य की गतिविधियों को लेकर उनके अधीनस्थ कर्मचारी नाराज है और लोगों को भी दिक्कतें शुरू हो गई है, देखने वाली बात होगी कि साइंस कॉलेज मैदान में चल रही कमर्शियल उपयोग और इसके गलत इस्तेमाल का प्रावधान कब खत्म किया जाता है.

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