CG News: पांच साल बाद मिला इंसाफ! चेक बाउंस मामले में महिला को एक महीने की सजा, अब दोगुना देना होगा पैसा
बिलासपुर जिला न्यायालय
CG News: बिलासपुर जिला न्यायालय में चेक बाउंस के एक मामले में लगभग पांच वर्ष बाद फैसला आया है. न्यायालय ने मंजूषा मानिकपुरी को दोषी ठहराते हुए चेक की राशि के दोगुने के बराबर प्रतिकर/राशि तथा एक माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें मुचलके पर रिहा किया गया.
2019 में दी थी 5 लाख रुपये की राशि
न्यायालय में दर्ज प्रकरण के अनुसार, यदुनंदन नगर निवासी रितेश अग्रवाल ने अपने परिचित संतोष मानिकपुरी, जो जमीन एवं मकान के व्यवसाय से जुड़े हैं, की सहायता के लिए वर्ष 2019 में 5 लाख रुपये की राशि दी थी. रितेश अग्रवाल के अनुसार, लगभग छह माह बाद राशि वापस मांगने पर लगातार टालमटोल की गई.
मंजूषा के खाते से दिया चेक
बाद में काफी आग्रह के पश्चात मंजूषा मानिकपुरी के खाते से 5 लाख रुपये का चेक दिया गया. रितेश अग्रवाल द्वारा चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर वह बाउंस हो गया. इसकी जानकारी दूरभाष के माध्यम से संतोष मानिकपुरी को दी गई, जिस पर दोबारा चेक लगाने की बात कही गई. दोबारा चेक प्रस्तुत करने पर भी वह बाउंस हो गया.
2020 में न्यायालय की शरण ली
इसके बाद रितेश अग्रवाल ने वर्ष 2020 में न्यायालय की शरण ली. प्रकरण की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष द्वारा परिवादी को दोषी ठहराने का प्रयास भी किया गया, लेकिन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों व सुनवाई के बाद न्यायालय ने मंजूषा मानिकपुरी को दोषी माना.
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