CG News: ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी समेत 9 गिरफ्तार, करोड़ों के नेटवर्क का खुलासा

CG News: दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है.
9 arrested, including the prime accused

मुख्य आरोपी समेत 9 गिरफ्तार

CG News: दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस को सूचना मिली थी कि भिलाई निवासी निशांत गुप्ता लंबे समय से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा है. जांच में पता चला कि वह सीबी क्रिकेट बज्ज बेटिंग एप और रुबीबेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध सट्टा कारोबार चला रहा था.

नागपुर में छापा, 8 आरोपी गिरफ्तार

क्राइम डीएसपी यदुमणि सिदार ने बताया कि मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद गठित विशेष टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी की. वहां से 8 अन्य युवकों को ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए गिरफ्तार किया गया. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी उत्तर प्रदेश और बिहार के युवकों को वेतन पर रखकर डिपॉजिट, विड्रॉल, आईडी मैनेजमेंट और तकनीकी कार्य करवाते थे. इसके बदले उन्हें प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था.

रोजाना लाखों का कारोबार, महीने में करोड़ों का लेन-देन

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा कारोबार संचालित करता था. वहीं प्रतिमाह लगभग 1.50 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेन-देन किया जा रहा था. सट्टे की रकम को छिपाने और वित्तीय गतिविधियों को गोपनीय रखने के लिए आरोपी फर्जी बैंक खातों, एटीएम कार्डों और सिम कार्डों का उपयोग करते थे.

मोबाइल, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और नकदी जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 45 सिम कार्ड, 1.54 लाख रुपये नकद, महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं. जब्त सामग्री से सट्टा नेटवर्क के संचालन से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है.

सट्टे की कमाई से खरीदे गए आभूषण भी बरामद

पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे से अर्जित अवैध कमाई से खरीदे गए करीब 23 लाख रुपये मूल्य के सोने और डायमंड के आभूषण भी बरामद किए हैं. अधिकारियों का मानना है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से इस अवैध कारोबार में संलिप्त था और सट्टे से प्राप्त रकम को विभिन्न माध्यमों से निवेश कर रहा था.

वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच जारी

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा टेलीकॉम एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही गिरोह के वित्तीय नेटवर्क, बैंक खातों, लेन-देन और अन्य संभावित सहयोगियों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं.

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