Raipur: ‘चावल नहीं है… नकद पैसा चाहिए तो ले जाओ’, राशन की दुकानों पर मारा जा रहा गरीबों का हक!

Raipur: राजधानी रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित राशन (Ration Scam) दुकानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं.
Raipur ration scam

सांकेतिक तस्वीर

Raipur: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत लगभग 2.73 करोड़ लोग राशन प्राप्त कर रहे हैं. 2025 की अनुमानित लगभग कुल आबादी का 89 प्रतिशत लोग राशन ले रहे हैं. दूसरी तरफ राजधानी रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित राशन (Ration Scam) दुकानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. आरोप है कि राशन की कुछ दुकानों पर चावन देने की बजाय लोगों को नकद लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

गरीबी पर बड़ा प्रहार

इस तरह की घटनाएं न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि गरीबी पर बड़ा प्रहार भी बताई जा रही है. शिकायत के अनुसार कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड स्थित दुकान (आईडी 441001281) और लालपुर, एमएमआई अस्पताल के पास स्थित दुकान (ID 441001283) में इस तरह की घटना सामने आई है. इन दोनों राशन की दुकानों का संचालन हेमदुर्गा साहू के नाम पर बताया जा रहा है.

हितग्राहियों का आरोप

हितग्राहियों का आरोप है कि दोनो दुकानों पर समान तरीके से चावल के बदले नकद दिया जा रहा है. राशनकार्ड धारकों के मुताबित दोनों ही दुकानों का संचालनकर्ता कहता है कि चावल नहीं मिलेगा पैसा लेना है तो ले जाओ, नहीं तो कहीं और से ले लो.

खुलेआम नियमों की अनदेखी

इस तरह की घटनाओं से ये स्पष्ट होता है कि राजधानी में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है. असल जरूरतमंदो को उनके हर से दूर रखा जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ राशन दुकानों के संचालकों ने आपसी तालमेल से चावल का एक तय ‘रेट’ निर्धारित कर लिया है. बाजार में 30-35 रुपये प्रति किलो बिकने वाला चावल गरीबों से लगभग 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से नकद देकर वापस लिया जा रहा है.

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