छत्तीसगढ़ में 5 हजार करोड़ का भुगतान अटका, कटोरा लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे ठेकेदार
छत्तीसगढ़ में ठेकेदार करेंगे प्रदर्शन
Jal Jeevan Mission Protest: छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाले ठेकेदारों की परेशानी बढ़ती जा रही है. करीब तीन साल से भुगतान नहीं मिलने के कारण हजारों ठेकेदार कर्ज में दब गए हैं. अब अपनी मांगों को लेकर ठेकेदारों ने अनोखे तरीके से विरोध करने का फैसला किया है. आज 27 अक्टूबर को करीब दो हजार ठेकेदार रायपुर में अर्धनग्न होकर और हाथों में कटोरा लेकर प्रदर्शन करगे. ठेकेदारों का आरोप है कि सरकार की पास बार-बार गुहार लगाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है.
तीन साल से 5 हजार करोड़ रुपये का भुगतान लंबित
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में हर घर तक नल से साफ पानी पहुंचाने के लिए कई तरह के निर्माण कार्य कराए गए हैं. इनमें पानी की टंकियां, पाइपलाइन, नलकूप खनन और सोलर आधारित जल योजनाएं शामिल हैं. ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाने के साथ बैंकों और कर्ज लेकर इन कामों को पूरा किया. इसके बाद करीब 5,000 करोड़ रुपये का पेमेंट पिछले तीन साल से अटका हुआ है.
बैंक की किस्तें चुकाना हुआ मुश्किल
ठेकेदारों का कहना है कि भुगतान नहीं मिलने से उनकीआर्थिक स्थिति खराब हो गई है. बैंक से लिए गए कर्ज की EMI चुकाना मुश्किल हो रहा है. इसके अलावा मजदूरों की मजदूरी और निर्माण सामग्री देने वाले सप्लायर्स का पैसा भी बकाया है. छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, कई ठेकेदार बैंक डिफॉल्टर होने की स्थिति में पहुंच गए हैं.
भुगतान क्यों नहीं हो रहा है?
एसोसिएशन के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बताया कि केंद्र और राज्य की वित्तीय प्रोसेस के साथ पंचायत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बीच तालमेल की कमी के कारण भुगतान रुका हुआ है. मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देने के बाद भी ठेकेदारों को केवल आश्वासन मिले हैं.
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ग्रामीणों को भी हो रही परेशानी
वहीं पेमेंट में देरी का असर योजना के कामकाज पर भी पड़ रहा है. कई गांवों में टंकियां और पाइपलाइन तैयार होने के बावजूद पानी शुरू नहीं हो सकी है. ठेकेदारों ने लंबित राशि जल्द जारी करने की मांग की है, ताकि अधूरे काम पूरे हों और ग्रमीणों को साफ पानी मिल सके.