Raipur News: Homework पूरा नहीं होने पर प्राचार्य और शिक्षक ने छात्र की चोटी बनाई, बाल काटे… मानसिक प्रताड़ना पर FIR दर्ज
Raipur News: रायपुर. राजधानी से लगे गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के ग्राम पटेवा स्थित एकेडमिक हाइट्स स्कूल में छात्र को मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप में पुलिस ने स्कूल की प्राचार्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया है. मामला यहां पढ़ने वाले एक छात्र से जुड़ा है. पुलिस ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम की धारा 75 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है. (Raipur Academic Heights School FIR)
पुलिस के अनुसार, 23 अक्टूबर को शिक्षा विभाग की जांच से संबंधित प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद मामले में कार्रवाई की गई. शिकायत छात्र के पिता की ओर से की गई थी. आरोप है कि विद्यालय में अनुशासन के नाम पर छात्र को मानसिक संताप और शारीरिक असुविधा पहुंचाई गई.
बाल काटने और चोटी बनाने का आरोप
शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार, छात्र ने अपने बयान में बताया कि Homework पूरा नहीं होने पर Maths के शिक्षक ने उसका कान मरोड़ा था. वहीं, विद्यालय की प्रार्थना सभा और कक्षा के दौरान लंबे बाल होने के कारण प्राचार्य पल्लवी मरार और एक शिक्षिका ने उसकी चोटी बनाई थी. शिकायत में बाल काटने की घटना का भी उल्लेख है. (Raipur Academic Heights School FIR)
जांच रिपोर्ट में छात्र की चिकित्सकीय स्थिति का भी जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, रायपुर के अस्पताल में मनोचिकित्सकीय परामर्श के दौरान छात्र में नींद प्रभावित होने, चिड़चिड़ापन और स्कूल जाने से डरने जैसी समस्याएं दर्ज की गई थीं. चिकित्सकीय इतिहास में बालों से जुड़ी घटना के बाद परेशानी शुरू होने की बात का उल्लेख है.
जांच में प्रबंधन को चेतावनी देने की अनुशंसा
शिक्षा विभाग की जांच टीम ने छात्र, उसके माता-पिता, प्राचार्य और संबंधित शिक्षकों के बयान दर्ज किए थे. प्राचार्य ने अपने बयान में अनुशासन बनाए रखने के लिए बच्चों के बाल व्यवस्थित कराने की बात स्वीकार की, जबकि गणित के शिक्षक ने शारीरिक दंड देने से इनकार किया. स्कूल प्रबंधन की ओर से बस स्टॉप में बदलाव के पीछे सड़क निर्माण के कारणों का हवाला भी दिया गया.
जांच रिपोर्ट में विद्यालय प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों को भविष्य में बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार नहीं करने की कड़ी चेतावनी देने की अनुशंसा की गई है. साथ ही छात्र के स्थानांतरण प्रमाणपत्र और शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा उसकी स्वास्थ्य संबंधी संवेदनशीलता को ध्यान में रखने की बात कही गई है. पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है. एफआईआर में दर्ज आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
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