आपने नहीं कराया फसल बीमा तो कैसे मिलेगी राहत ? बीमित किसानों को 66 हजार तक मिलेगी राशि…

रायपुर. अर्नब चक्रवात के असर से हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर उन किसानों की मुश्किल बढ़ गई है, जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा नहीं कराया.
Chhattisgarh Crop Insurance Compensation PMFBY

रायपुर. अर्नब चक्रवात के असर से हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर उन किसानों की मुश्किल बढ़ गई है, जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा नहीं कराया. शासन ने आरबीसी 6/4 के तहत फसल क्षति का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इस प्रावधान में किसानों को अधिकतम 8,500 रुपए असिंचित और 17 हजार रुपए सिंचित क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर सहायता मिलती है. वहीं फसल बीमा कराने वाले किसानों को 45,500 से 66 हजार रुपए तक क्षतिपूर्ति का प्रावधान है. अब किसान बीमा नहीं कराने पर पछता रहे हैं. (Chhattisgarh Crop Insurance Compensation PMFBY)

बेमौसम बारिश के कारण धान की फसल को नुकसान की आशंका है. इस बीच अब उन किसानों को सबसे ज्यादा चिंता सता रही है, जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा नहीं कराया है. शासन-प्रशासन ने आरबीसी 6/4 के तहत फसल क्षति का सर्वे कराने के निर्देश तो जारी कर दिए हैं, लेकिन इस प्रावधान के तहत मिलने वाली सहायता राशि फसल बीमा की तुलना में काफी कम है. आरबीसी 6/4 के तहत 32 प्रतिशत तक फसल क्षति होने पर कोई सहायता नहीं मिलती. 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान होने पर आंशिक क्षति के आधार पर सहायता राशि निर्धारित की जाती है.

 शत-प्रतिशत फसल बर्बाद होने पर भी असिंचित क्षेत्र के किसानों को अधिकतम 8,500 रुपए और सिंचित क्षेत्र में 17 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर सहायता का प्रावधान है. इसके विपरीत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में असिंचित क्षेत्र के लिए 948 रुपए और सिंचित क्षेत्र के लिए 1,320 रुपए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम जमा करने पर प्रति हैक्टेयर 45,500 और 66 हजार रुपए तक बीमित राशि का प्रावधान है.

 गौरबतल है जिले में लगभग 1 लाख 25 हजार से अधिक किसानो ने पंजीयन कराया है लेकिन फसल बीमा कराने की बारी आई तो महज 47 हजार किसानों ने इसमें दिलचस्पी ली. खास बात यह है कि पूरे खरीफ सीजन में किसानों से फसल बीमा कराने की अपील की जाती रही, लेकिन बड़ी संख्या में किसानों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. अब बारिश के बाद उन्हें बीमा का महत्व समझ आ रहा है. ऐसे में बिना बीमा वाले किसानों को आरबीसी 6/4 की सीमित सहायता से ही संतोष करना पड़ सकता है. (Chhattisgarh Crop Insurance Compensation PMFBY)

32 फीसदी तक नुकसान तो कुछ नहीं मिलेगा

आरबीसी 6/4 के तहत फसल क्षति का आकलन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. नियम के अनुसार 32 प्रतिशत तक नुकसान होने पर किसी तरह की सहायता राशि का प्रावधान नहीं है. वहीं 33 प्रतिशत या उससे अधिक क्षति होने पर नुकसान के आकलन के आधार पर सहायता राशि निर्धारित की जाती है. यानी खेत में फसल को नुकसान होने के बावजूद यदि क्षति निर्धारित सीमा तक नहीं पहुंचती है तो किसान को आर्थिक राहत नहीं मिलेगी.

आरबीसी में सिर्फ दो हेक्टेयर तक ही राहत

आरबीसी 6/4 के तहत फसल क्षति की सहायता राशि को लेकर एक और महत्वपूर्ण सीमा है. इस प्रावधान में एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर तक की फसल क्षति के लिए ही सहायता मिल सकेगी. यानी किसान के पास भले ही इससे अधिक कृषि रकबा हो, लेकिन सहायता का आकलन निर्धारित अधिकतम सीमा के भीतर ही होगा. दूसरी ओर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसान जितने रकबे का बीमा कराता है, उसी के अनुसार बीमित क्षेत्र का लाभ मिलता है. ऐसे में बिना बीमा वाले किसान को दो हेक्टेयर की सीमा और सीमित सहायता राशि के कारण दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है.

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