झीरम घाटी मामले में कृषि मंत्री रामविचार नेताम का पलटवार, बोले- दीपक बैज को पहले नार्को टेस्ट करवाना चाहिए
कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज
CG News: झीरम घाटी मामले में राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नार्को टेस्ट वाले बयान पर बवाल मच गया है. कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से पहले उन्हें अपना नार्को टेस्ट करवाना चाहिए.
‘लोकतंत्र में ये शोभा नहीं देता’
पीसीसी चीफ बैज पर निशाना साधते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि नार्को टेस्ट पहले उन्हीं लोगों का होना चाहिए. उनका नार्को टेस्ट होना जरूरी है. मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का तो बाद होगा, पहले अपना कराओ. NIA ने रिपोर्ट दे दी. इसके बाद न्यायालय से निर्णय आ गया. इसके बाद भी उन्हें विश्वास नहीं है तो वे उच्च न्यायालय तक जा सकते हैं. इस तरह से न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाना सही नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की नीति और नियति रही है कि न्यायालय उनके पक्ष में फैसला दे तो बहुत अच्छा. उनके विरोध में फैसला आए तो आरोप-प्रत्यारोप लगाना, लोकतंत्र में शोभा नहीं देता है. उच्च पद पर बैठे अधिकारी से इस तरह की बातों की अपेक्षा नहीं की जा सकती है.
दीपक बैज ने क्या कहा था?
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा था कि झीरम घाटी मामले में जो निर्णय आया है, उससे पीड़ित परिवार, छत्तीसगढ़ की जनता और कांग्रेस परिवार को न्याय नहीं मिला है. नक्सलियों को गिरफ्तार कर 10 लोगों को सजा दिया गया. क्या, इतनी बड़ी घटना को केवल 10 लोगों ने अंजाम दिया? उन्होंने आगे कहा कि इस घटना को 500-1000 नक्सलियों ने अंजाम दिया. एक दर्जन से अधिक नक्सली इस घटना के मास्टरमाइंड हैं, जिन्होंने सरकार के सामने आत्मसमर्पण किया. वे आज सरकार के संरक्षण में हैं.
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दीपक बैज ने नार्को टेस्ट की मांग करते हुए कहा, ‘तत्कालीन मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजी नक्सल ऑपरेशन के नार्को टेस्ट होना चाहिए. सरकार और नक्सलियों में सांठ-गांठ थी और है’