जो आदि‍वासी ईसाई बने हैं, उनको वापस आना होगा… समाज ने परिवारों को दिया वापसी का अल्टीमेटम

CG News: धर्म का धंधा चलाने वालों के विरोध में आंदोलन तेज कर दिया गया है. साथ ही धर्म परिवर्तन कर चुके परिवारों को धर्म वापसी का अल्टीमेटम भी दिया गया है.
Rally (File Photo)

रैली (फाइल फोटो)

CG News: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मुद्दे पर सुलगने वाली चिंगारी अब मशाल बन चुकी है और इस विषय पर चल रही लड़ाई के बीच आदिवासी समाज सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है. धर्म का धंधा चलाने वालों के विरोध में आंदोलन तेज कर दिया गया है. साथ ही धर्म परिवर्तन कर चुके परिवारों को धर्म वापसी का अल्टीमेटम भी दिया गया है. मामला प्रदेश की बड़ी आबादी से जुड़ा हुआ है.

आदिवासी समाज का शक्ति प्रदर्शन

दरअसल, कुछ दिन पहले धर्मांतरण बिल के विरोध में मसीही समाज ने रायपुर में रैली निकाली थी. इसमें हजारों की संख्या में एक धर्म विशेष के लोग शामिल हुए थे और धर्म स्वतंत्रता बिल को वापस लेने की मांग की थी.

इसके जवाब में आदिवासी समाज ने नारायणपुर जिले में एक बड़ी रैली निकाली, जिसमें कई गांवों के हजारों लोग इकट्ठा हुए. इस रैली में धर्म स्वतंत्रता बिल का खुले तौर पर समर्थन किया गया. साथ ही बिल को ‘काला कानून’ बताने वाले लोगों पर निशाना भी साधा गया.

डी-लिस्टिंग और आरक्षण खत्म करने की मांग

इस रैली में ‘डी-लिस्टिंग’ और धर्मांतरण कर चुके लोगों का आरक्षण खत्म करने की मांग भी उठाई गई. साथ ही रैली के जरिए शक्ति प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें अवैध धर्मांतरण कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई.

दूसरी तरफ छोटे डोंगर में आदिवासी समाज की एक बड़ी बैठक आयोजित हुई, जिसमें धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को भी बुलाया गया. इस बैठक में कई गांवों के लोगों ने मिलकर बड़ा फैसला लिया और धर्म बदलने वाले लोगों को 30 अप्रैल तक धर्म वापसी की चेतावनी दी.

अवैध धर्मांतरण पर लंबे समय से विवाद

अवैध धर्मांतरण को लेकर आदिवासी बाहुल्य इलाकों में लंबे समय से विवाद चल रहा है, क्योंकि इसे आदिवासी संस्कृति के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है. इसी वजह से समय-समय पर आदिवासी समुदाय अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए पहल करता रहा है.

बस्तर के कई गांवों में पादरी और पास्टर की एंट्री पर बैन लगाए गए हैं. इसके साथ ही ‘घर वापसी’ अभियान और डी-लिस्टिंग लागू करने की मांग भी लगातार उठाई जा रही है.

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