माथे पर तिलक और गले में गमछा, ‘श्री रामभूमि’ में अशोक सिंघल के रोल में नजर आएंगे अनुपम खेर, फर्स्ट लुक आउट
अनुपम खेर का नया लुक आउट
Anupam Kher Ashok Singhal Role: फिल्म जगत में अलग स्थान रखने वाले बॉलीवुड के फेमस एक्टर अनुपम खेर इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म को लेकर फैंस के दिलों में बसे हुए हैं. इन दिनों अयोध्या में उनकी अपकमिंग फिल्म ‘श्रीरामभूमि’ की शूटिंग जोरों से चल रही है. इस फिल्म में अनुपम खेर भी नजर आने वाले हैं. फैंस को इस बात का इंतजार था कि आखिर अनुपम खेर फिल्म ‘श्रीरामभूमि’ में किस रोल में नजर आएंगे. अब एक्टर ने इस बात को साफ कर दिया है.
अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर अपने रोल के बारे में बताते हुए फर्स्ट लुक शेयर किया है. अनुपम खेर ‘श्रीरामभूमि’ फिल्म में दिवंगत VHP नेता अशोक सिंघल का किरदार निभाएंगे. एक्टर ने बताया कि अशोक सिंघल का यह रोल उनके अब तक के निभाए गए किरदारों में से सबसे महत्वपूर्ण और अहम रोल है.
सामने आया अनुपम खेर का नया लुक
अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘श्री रामभूमि’ फिल्म के सेट से कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं. इन तस्वीरों में वे सफेद कुर्ता-पायजामा पहने और गले में गमछा डाले दिख रहे हैं. साथ ही उन्होंने माथे पर तिलक लगाया हुआ है और चश्मा पहना है, जिससे उनका रूप बिल्कुल बदल गया है.
अब जबकि मेरे द्वारा निभाए जा रहे किरदार की कुछ तस्वीरें मीडिया में आ चुकी हैं, तो मुझे लगा कि आप सबको मैं ख़ुद ही बता दूँ कि मैं किस भूमिका में नज़र आने वाला हूँ।🙏🕉
— Anupam Kher (@AnupamPKher) July 10, 2026
फ़िल्म ‘ श्री रामभूमि’ में मैं श्री अशोक सिंघल जी की भूमिका निभा रहा हूँ!! एक ऐसे व्यक्तित्व, जिन्होंने श्रीराम… pic.twitter.com/We9i6qj32g
तस्वीरें पोस्ट करते हुए अनुपम खेर ने बताया कि वे फिल्म ‘श्री रामभूमि’ में अशोक सिंघल का रोल कर रहे हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि जब इंटरनेट पर उनके इस लुक की तस्वीरें लीक होकर वायरल होने लगीं, तब उन्हें लगा कि अब खुद सामने आकर फैंस को अपने इस रोल के बारे में सच बता देना चाहिए.
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अशोक सिंघल के बारे में क्या बोले अनुपम खेर?
अनुपम खेर ने बताया कि वे फिल्म ‘श्री रामभूमि’ में अशोक सिंघल जी का रोल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल एक ऐसी महान शख्सियत थे, जिन्होंने अपनी पूरी लगन, पक्के इरादे और निष्ठा से राम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व किया. वे सिर्फ एक नेता नहीं थे, बल्कि भगवान राम के परम भक्त थे. उनके गहरे विश्वास, संवेदनशीलता और अटूट भरोसे ने ही इस पूरे आंदोलन में एक नई जान फूंकी थी.