रियल लाइफ में कैसे थे ‘धुरंधर’ के SP असलम चौधरी, फिल्म को लेकर पत्नी ने क्या-क्या बताया?
संजय दत्त और असली असलम चौधरी
रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर द रिवेंज इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही है. डायरेक्टर आदित्य धर की यह फिल्म बॉलीवुड की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. यही वजह है कि फिल्म रिलीज होने के दो हफ्तों बाद भी इसका क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है. वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात की जाए तो अब तक 1350 करोड़ रुपए की कमाई हो चुकी है. तो वहीं फिल्म के किरदारों को लेकर भी जबरदस्त चर्चा हो रही है. सबसे ज्यादा चर्चा एसपी असलम चौधरी की हो रही है. फिल्म में इस कैरेक्टर को संजय दत्त ने किया है, जिसकी तारीफ खुद चौधरी की पत्नी नूरीन ने की है. हालांकि फिल्म में दिखाए गए कुछ सीन्स को लेकर उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है.
रियल असलम चौधरी की पत्नी नूरीन ने कहा कि फिल्म में संजय दत्त ने असलम का किरदार बहुत ही शानदार तरीके से निभाया है. हालांकि जिस तरह की बातें फिल्म में दिखाई गई हैं, वह उस तरह के आदमी नहीं थे. उन्होंने कहा कि असलम को अपनी नौकरी से बेहद प्यार था. फिल्म में बताया गया कि वह फर्जी एनकाउंटर किया करते थे और बच्चों को मारते थे. इस बात में जरा सी भी सच्चाई नहीं है.
क्या बुलेटप्रूफ जैकेट पहनते थे SP चौधरी?
एसपी असलम चौधरी को लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि जब उन्होंने ल्यारी में अपना ऑपरेशन शुरू किया था. उस समय उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी. हालांकि पत्नी नूरीन ने इस तरह के दावों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि असलम ने कभी भी बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं पहनी थी. फिल्म में भी संजय दत्त ने नहीं पहनी थी. लेकिन सुरक्षा को देखते हुए मैंने कई बार कहा कि वह बुलेटप्रूफ जैकेट पहनें. लेकिन मेरे कहने के बाद भी असलम ने कभी भी जैकेट नहीं पहनी थी.
कैसे हुई थी असलम की मौत?
फिल्म धुरंधर में दिखाया गया कि एसपी असलम चौधरी की मौत एक बम ब्लास्ट में हुई थी. उनकी पत्नी ने बताया कि यह बात सच है कि उनकी उस हादसे में मौत हो गई थी. हादसे से पहले ही मेरी और असलम की बात हुई थी कि वह बम प्रूफ गाड़ी में सफर करना चाहिए. ऐसे ही किसी भी कार में सफर करने से दिक्कत हो सकती है. इस बात पर उस समय असलम ने कहा था कि बस 5 दिन का इंतजार करो मुझे भी बम प्रूफ गाड़ी मिल जाएगी. हालांकि गाड़ी मिलने से पहले ही वह हादसे का शिकार हो गए थे.
उन्होंने बताया कि उस समय 125 किलो विस्फोटक से लदी कार चौधरी की कार से टकराई थी, जो कि फिदायीन हमला था जिसमे असलम की मौत हुई थी.
असलम ने पत्नी को दी थी गोली चलाने की ट्रेनिंग
असलम चौधरी पूरी प्लानिंग के तहत काम किया करते थे. यही वजह है कि वे हर चीज की प्लानिंग बहुत पहले ही करते थे. नूरीन ने बताया कि जिस तरह की वह कार्रवाई किया करते थे. उसके कारण परिवार को भी खतरा रहता था. इसी कारण असलम मुझे गोली चलाने की ट्रेनिंग दी थी. आज भी मैं कई तरह की बंदूकें चला लेती हूं.