पर्दे के पीछे का सच: शूटिंग बाद कहां जाते हैं करोड़ों के आलीशान सेट्स और हीरो-हीरोइन के महंगे कपड़े?

आखिर फिल्मों की शूटिंग खत्म होने के बाद शूट के लिए बनाए गए महंगे सेट्स और हिरो-हीरोइन के कपड़े को क्या होता है.
Bollywood Movie Costumes After Shoot

फाइल फोटो

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी रामायण फिल्म 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. ये फिल्म अब तक की सबसे महंगी फिल्म है, इसका बजट 4000 हजार करोड़ रुपए हैं. ऐसे में आपके मन भी सवाल आता होगा कि आखिर फिल्मों की शूटिंग खत्म होने के बाद शूट के लिए बनाए गए महंगे सेट्स और हिरो-हीरोइन के कपड़े को क्या होता है. क्या ये कपड़े फेक दिए जाते हैं और सेट्स तोड़ दिए जाते है आइए जानते हैं. पर्दे के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है.

जब हम कोई फिल्म देखते हैं, तो हीरो-हीरोइन के कपड़े, चमचमाते गहने और आलीशान घर हमारा ध्यान खींचते हैं। इन चीजों को तैयार करने में कॉस्ट्यूम डिजाइनर, प्रोडक्शन डिजाइनर और कई कारीगर मेहनत करते हैं. लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर शूटिंग खत्म होने के बाद इन सब चीजों का होता क्या है.

शूटिंग पूरी होने के बाद इन कपड़ों का होता है?

दरअसल शूटिंग पूरी होने के बाद इन कपड़ों को इकट्ठा करके उनकी पहचान के साथ प्रोडक्शन हाउस के अपने कपडे़ स्टोर में रखें जाते हैं. साथ शूटिंग के लिए जो कपड़े किराए से लिए जाते हैं उन्हें वापस लौटा दिया जाता है. कई बार पुराने कपड़ों को बदलकर इन्हें ही दूसरी फिल्म में यूज किया जाता है. हालांकि सभी कपड़े दोबारा इस्तेमाल के लायक नहीं होते.

बड़ी संख्या में कॉस्ट्यूम जमा होते है

हां, कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है. लगातार फिल्में और टीवी शो बनाने वाले प्रोडक्शन हाउस के पास बड़ी संख्या में कॉस्ट्यूम जमा होते हैं. इन्हें जरूरत के मुताबिक दूसरी फिल्मों में इस्तेमाल किया जा सकता है.

गहनों का क्या होता है?

पीरियड फिल्मों और शाही कहानियों में भारी हार, मुकुट, झुमके और दूसरे आभूषण किरदार को खास रूप देते हैं. शूटिंग के बाद इन गहनों को भी दूसरे कॉस्ट्यूम और प्रॉप्स की तरह सुरक्षित रखा जा सकता है. किराये पर लिए गए गहने वापस कर दिए जाते हैं.

फिल्मों के सेट का क्या होता है?

फिल्मों में दिखने वाले महल, बड़े घर, अस्पताल और बाजार कई बार खास तौर पर शूटिंग के लिए बनाए जाते हैं. शूटिंग के बाद सेट हटाना पड़ता है खासकर जब वह किसी किराए के घर पर लगाया गया हो. लेकिन कई बार लकड़ी, दरवाजे, खिड़कियां, फर्नीचर और सजावटी हिस्सों को अलग करके सुरक्षित रख लिया जाता है. इनका इस्तेमाल दूसरी फिल्मों, विज्ञापनों या नए सेट तैयार करने में किया जा सकता है.

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